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महाराष्ट्र सरकार ने एमएमआर में एकीकृत बस परिवहन के लिए अध्ययन समूहों का गठन किया

मुंबई, 15 जून (आईएएनएस)। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सार्वजनिक परिवहन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से राज्य के शहरी विकास विभाग ने सोमवार को एक सरकारी संकल्प (जीआर) जारी किया और एक तकनीकी समूह और एक अध्ययन समूह के गठन का निर्देश दिया। इन समूहों को विभिन्न नगर निगम परिवहन उपक्रमों में एकीकृत बस परिवहन प्रणाली के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।
 
महाराष्ट्र सरकार ने एमएमआर में एकीकृत बस परिवहन के लिए अध्ययन समूहों का गठन किया

मुंबई, 15 जून (आईएएनएस)। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सार्वजनिक परिवहन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से राज्य के शहरी विकास विभाग ने सोमवार को एक सरकारी संकल्प (जीआर) जारी किया और एक तकनीकी समूह और एक अध्ययन समूह के गठन का निर्देश दिया। इन समूहों को विभिन्न नगर निगम परिवहन उपक्रमों में एकीकृत बस परिवहन प्रणाली के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।

यह पहल नीति आयोग की व्यापक पायलट परियोजना अवधारणा के अंतर्गत आती है, जिसके तहत चुनिंदा शहरी क्षेत्रों को 'ग्रोथ हब्स' (जी-हब) में परिवर्तित करके आर्थिक रणनीति और कार्यान्वयन को गति प्रदान की जाएगी। इस परिकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक जी-हब नियामक बोर्ड और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समन्वय समिति पहले ही कार्य में लाई जा चुकी है।

जी-हब नियामक बोर्ड के निर्देशों के बाद, प्रारंभिक एकीकृत योजना का मसौदा तैयार करने के लिए 10 जून, 2025 को एक कार्य बल का गठन किया गया था, जिसके फलस्वरूप आज इन समर्पित अध्ययन और तकनीकी निकायों का औपचारिक गठन किया गया।

तकनीकी समूह की अध्यक्षता बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बीईएसटी) के सहायक महाप्रबंधक (यातायात एवं संचालन) करेंगे। नवगठित तकनीकी समूह में नवी मुंबई, ठाणे, मीरा भायंदर, कल्याण डोंबिवली, वसई विरार और पनवेल सहित विभिन्न नगर निगमों के परिवहन प्रबंधक शामिल हैं।

इस समूह के प्राथमिक कार्यक्षेत्रों में नगर निगम सीमाओं के पार बस मार्गों का युक्तिकरण, निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए सेवा समय-सारणी और समय-सारणी का सामंजस्य, सभी सार्वजनिक परिवहन संचालकों (पीटीओ) के बीच प्रौद्योगिकी एकीकरण और साझा अवसंरचना के उपयोग के लिए एक सहयोगात्मक रोडमैप तैयार करना, और अंतर-क्षेत्रीय और बहु-संचालक मार्गों के लिए किराया युक्तिकरण सूत्र और राजस्व-साझाकरण मॉडल की अनुशंसा करना शामिल है।

तकनीकी समूह को 15 जुलाई, 2026 तक अध्ययन समूह को अपने विस्तृत निष्कर्ष और सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी। एकसमान किराया संरचना और राजस्व आवंटन की जांच के लिए अध्ययन समूह का गठन किया गया है। इस व्यापक अध्ययन समूह का नेतृत्व बीईएसटी के महाप्रबंधक करेंगे, जिसमें ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोम्बिवली, वसई-विरार, मीरा-भयंदर, भिवंडी-निजामपुर, उल्हासनगर और पनवेल के नगर आयुक्त प्रमुख सदस्य होंगे। अध्ययन समूह के प्राथमिक उद्देश्य नीति कार्यान्वयन, यात्रियों की सुविधा और वित्तीय मॉडल पर केंद्रित हैं।

--आईएएनएस

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