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ओडिशा: बैंक अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न को लेकर सियासत, स्पष्टीकरण जारी

भुवनेश्वर, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के क्योंझर जिले में सोमवार को एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा अपनी बहन का कंकाल बैंक में लाकर उसके खाते से पैसे निकालने की घटना ने पूरे देश को चौंका दिया है। बीजू जनता दल (बीजद) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ओडिशा सरकार की आलोचना करते हुए इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और क्रूर बताया है।
 
ओडिशा: बैंक अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न को लेकर सियासत, स्पष्टीकरण जारी

भुवनेश्वर, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के क्योंझर जिले में सोमवार को एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा अपनी बहन का कंकाल बैंक में लाकर उसके खाते से पैसे निकालने की घटना ने पूरे देश को चौंका दिया है। बीजू जनता दल (बीजद) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ओडिशा सरकार की आलोचना करते हुए इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और क्रूर बताया है।

राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए, बीजद ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, "किसी ने भी गुहार पर ध्यान नहीं दिया। भाई ने अपनी बहन का शव जमीन के नीचे से निकाला। मुख्यमंत्री के अपने ही जिले में यह एक अभूतपूर्व दृश्य था, जिसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।"

इसी तरह, विपक्षी कांग्रेस ने भी राज्य सरकार को निशाना बनाया और इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बैंक अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, "यह सचमुच दुर्भाग्यपूर्ण है। बैंक अधिकारियों द्वारा इस तरह का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।"

गौरतलब है कि ओडिशा ग्रामीण बैंक ने एक प्रेस बयान में सोमवार को केन्दुझर जिले के पटना ब्लॉक स्थित अपनी मल्लिपोसी शाखा में हुई घटना में किसी भी तरह के उत्पीड़न से इनकार किया है।

बैंक ने बताया कि 27 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे जीतू मुंडा नाम का एक व्यक्ति नशे की हालत में मल्लिपोसी ब्रांच में आया और अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से पैसे निकालने की मांग करने लगा। ब्रांच मैनेजर ने उसे बताया कि वह पैसे निकालने का हकदार नहीं है, क्योंकि खाता किसी और व्यक्ति का है, इसके बाद जीतू मुंडा चिल्लाने लगा।

मैनेजर ने उसे आगे समझाने की कोशिश की कि बैंक में आकर पैसे सिर्फ खाताधारक ही निकाल सकता है और उसे उसकी तरफ से ऐसा करने का अधिकार नहीं है। जब उसकी बहन के बारे में पूछा गया, तो जीतू मुंडा ने शुरू में कहा कि वह कोमा में है और बैंक नहीं आ सकती।

मैनेजर ने उसे समझाया कि ऐसी स्थिति में खाताधारक की सहमति के बिना पैसे नहीं निकाले जा सकते और अगर कोई अनहोनी हो जाती है, तो मृत्यु का प्रमाण/मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाने के बाद, बैंक के नियमों के अनुसार खाते का निपटारा किया जाएगा।

इस संबंध में ओडिशा ग्रामीण बैंक ने बताया, "फिर अचानक जीतू मुंडा नाम का वह व्यक्ति बैंक से बाहर निकल गया और चिल्लाते हुए कहा कि मैं पैसे तो जरूर लेकर रहूंगा। कुछ देर बाद वह एक बैग में एक सड़ी-गली लाश लेकर बैंक आया और उसे बैंक के सामने रख दिया। उसने दावा किया कि यह उसकी बहन है और उसके खाते से पैसे निकालने की मांग करने लगा।"

--आईएएनएस

पीएसके