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अपने समुदाय पर गर्व करें, लेकिन दूसरों से द्वेष नहीं: मेघालय सीएम

शिलांग, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बुधवार को सांप्रदायिक सद्भाव, धर्मनिरपेक्षता और आपसी सम्मान का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने समुदाय से प्रेम करने का अर्थ कभी भी दूसरों से नफरत करना नहीं होना चाहिए।
 

शिलांग, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बुधवार को सांप्रदायिक सद्भाव, धर्मनिरपेक्षता और आपसी सम्मान का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने समुदाय से प्रेम करने का अर्थ कभी भी दूसरों से नफरत करना नहीं होना चाहिए।

शिलांग के मावप्रेम में मेघालय हिंदू मिशन के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए संगमा ने कहा कि समाज की प्रगति और कल्याण के लिए एकता और विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के प्रति सम्मान आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि हमें अपने समुदाय से प्रेम करना चाहिए, लेकिन दूसरों से नफरत नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समुदाय मेघालय के सामाजिक ताने-बाने में योगदान देता है और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कला एवं संस्कृति मंत्री सनबोर शुल्लई और विधायक पॉल लिंगदोह भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

संगमा ने मिशन के सौ वर्षों के परोपकारी कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनसेवा के लिए समर्पित संगठन समुदायों के बीच शांति, सद्भाव और समझ को मजबूत करने में सहायक होते हैं।

राज्य सरकार द्वारा पिछले आठ वर्षों में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसकी कल्याणकारी पहल सभी नागरिकों के लिए निर्देशित रही है, चाहे वे किसी भी समुदाय या पृष्ठभूमि के हों।

संगमा ने कहा कि हर धर्म सेवा और भाईचारे का एक समान संदेश साझा करता है। उन्होंने स्वदेशी समुदायों सहित विभिन्न सांस्कृतिक समूहों की शताब्दी समारोह में भागीदारी का स्वागत किया।

उन्होंने युवाओं से इस अवसर के संदेश को दैनिक कार्यों में उतारने का आग्रह किया और कहा कि करुणा, ईमानदारी और जरूरतमंदों की मदद करना विभिन्न धर्मों के साझा मूल्य हैं।

मेघालय हिंदू मिशन की स्थापना 1926 में हिंदू सम्मेलन अनाथ आश्रम के रूप में समाज के कमजोर वर्गों का समर्थन करने और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।

इसके संस्थापक उद्देश्यों में बेसहारा बच्चों के लिए एक अनाथालय स्थापित करना, जरूरतमंद छात्रों के लिए स्कूल और पुस्तकालय स्थापित करना, अस्पृश्यता और अन्य सामाजिक प्रथाओं से लड़ना, और महिलाओं को आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित करने हेतु व्यावसायिक कौशल प्रदान करना शामिल था।

पिछले कई दशकों से, मिशन ने सार्वजनिक और सामुदायिक उद्देश्यों के लिए भूमि का योगदान दिया है।

लगभग 27,425 वर्ग फुट भूमि विभिन्न उपयोगों के लिए दी गई है, जिसमें मावप्रेम प्रेस्बिटेरियन चर्च के लिए भूमि और मावप्रेम रोड का चौड़ीकरण शामिल है।

लोअर मावप्रेम में मिशन के लड़कों और लड़कियों के लिए बने घर किशोर न्याय अधिनियम के तहत पंजीकृत बाल देखभाल संस्थान हैं।

ये संस्थान सरकारी बाल भरण-पोषण अनुदानों के सहयोग से देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों को आश्रय, भोजन, वस्त्र, शिक्षा, चिकित्सा देखभाल और मनोरंजन सुविधाएं प्रदान करते हैं।

--आईएएनएस

एमएस/