एलआईसी का चौथी तिमाही का मुनाफा 23 प्रतिशत बढ़कर 23,467 करोड़ रुपए पहुंचा, 10 रुपए डिविडेंड का ऐलान
मुंबई, 21 मई (आईएएनएस)। सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की और कंपनी का मुनाफा बढ़कर 23,467 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 19,039 करोड़ रुपए था।
इसके साथ ही, एलआईसी के बोर्ड ने 10 रुपए फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 10 रुपए के अंतरिम डिविडेंड की सिफारिश की है, जो बोनस शेयर जारी करने से पहले प्रति इक्विटी शेयर 20 रुपए के बराबर है।
डिविडेंड पाने के लिए निवेशकों की पात्रता तय करने की रिकॉर्ड डेट 25 जून रखी गई है। वहीं, कंपनी ने अपने 1:1 बोनस इश्यू के लिए 29 मई को रिकॉर्ड डेट तय किया है। बोनस इक्विटी शेयरों के आवंटन की अनुमानित तारीख 1 जून 2026 होगी।
एलआईसी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि चौथी तिमाही में उसकी शुद्ध प्रीमियम आय 12 प्रतिशत बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 1.48 लाख करोड़ रुपए थी। यह बढ़ोतरी रिन्यूअल और सिंगल प्रीमियम दोनों सेगमेंट में ग्रोथ के कारण हुई।
जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान पहले वर्ष का प्रीमियम आय 13,009 करोड़ रुपए रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 11,103 करोड़ रुपए थी। यानी इसमें 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
रिन्यूअल प्रीमियम आय भी 14 प्रतिशत बढ़कर 82,233 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 79,425 करोड़ रुपए थी।
एलआईसी की कमाई का प्रमुख स्रोत निवेश से होने वाली आय चौथी तिमाही में बढ़कर 1.09 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 93,443 करोड़ रुपए थी। यानी इसमें करीब 17 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी हुई।
कंपनी ने इस तिमाही में कुल अधिशेष 89,058 करोड़ रुपए दर्ज किया, जबकि एक साल पहले यह 77,053 करोड़ रुपए था। सहयोगी कंपनियों और अल्पमत हिस्सेदारी के लाभ के हिस्से के बाद अधिशेष 24,964 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल 20,271 करोड़ रुपए था।
हालांकि, तिमाही के दौरान प्रबंधन खर्च बढ़कर 20,699 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 16,526 करोड़ रुपए था।
कर्मचारियों के वेतन और कल्याण पर खर्च भी बढ़कर 8,891 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 5,943 करोड़ रुपए था। अन्य परिचालन खर्च भी बढ़कर 4,074 करोड़ रुपए हो गए, जो एक साल पहले 2,848 करोड़ रुपए थे।
31 मार्च 2026 तक एलआईसी का सॉल्वेंसी रेशियो बढ़कर 2.35 हो गया, जबकि एक साल पहले यह 2.11 था। यह अनुपात नियामकीय आवश्यकता से काफी ऊपर बना हुआ है।
कंपनी का 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो 67.77 प्रतिशत रहा, जबकि एक साल पहले यह 68.62 प्रतिशत था। वहीं, 61वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो 54.13 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल 58.54 प्रतिशत था।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एलआईसी का टैक्स के बाद मुनाफा 19 प्रतिशत बढ़कर 57,453 करोड़ रुपए हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 48,320 करोड़ रुपए था।
पूरे साल की शुद्ध प्रीमियम आय 10 प्रतिशत बढ़कर 5.38 लाख करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले 4.90 लाख करोड़ रुपए थी।
31 मार्च 2026 तक लिंक्ड एसेट्स को छोड़कर पॉलिसीधारकों का फंड 53.68 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि एक साल पहले यह 51.64 लाख करोड़ रुपए था।
वहीं, शेयरधारकों का निवेश बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 1.03 लाख करोड़ रुपए था।
--आईएएनएस
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