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'मुझे शांति से मरने दो', सीबीआई चार्जशीट में सामने आई ट्विशा शर्मा के आखिरी 90 मिनट की डिटेल्स

भोपाल, 18 अगस्त (आईएएनएस)। सीबीआई ने ट्विशा शर्मा की जिंदगी के आखिरी घंटों का ब्योरा 600 पन्नों की चार्जशीट में दिया है। इसमें उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।
 

भोपाल, 18 अगस्त (आईएएनएस)। सीबीआई ने ट्विशा शर्मा की जिंदगी के आखिरी घंटों का ब्योरा 600 पन्नों की चार्जशीट में दिया है। इसमें उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।

14 अगस्त को दाखिल इस चार्जशीट में व्हाट्सऐप मैसेज, फोन कॉल, सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड, काउंसलिंग सेशन, परिवार के बयान और पैसों से जुड़े आरोपों का जिक्र है।

12 मई रात 9:36 बजे, ट्विशा ने अपनी ननद राशि अब्रोल को व्हाट्सऐप मैसेज भेजा, "उससे कहो कि अपनी पत्नी का बचा-खुचा सामान ले जाए। लेकिन कल। अभी मुझे शांति से मरने दो।"

सीबीआई के मुताबिक, चार मिनट बाद सीसीटीवी फुटेज में ट्विशा को भोपाल स्थित अपने घर के ग्राउंड फ्लोर से छत की ओर अकेले जाते हुए देखा गया।

रात 9:41 बजे, उन्होंने रोते हुए अपने पिता को फोन किया और कहा उन्होंने कहा कि समर्थ 'बहुत आक्रामक और हिंसक' हो गए थे, वह डरी हुई थीं और उन्होंने अपने माता-पिता से तुरंत आने को कहा। रात करीब 10:05 बजे, उन्होंने अपनी मां से बात की और कथित तौर पर वही बातें दोहराईं।

रात करीब 10:23 बजे, सीसीटीवी फुटेज में समर्थ और उनकी सास गिरिबाला को छत की ओर जाते हुए देखा गया। इसके बाद ट्विशा को नीचे लाया गया और एम्स भोपाल ले जाया गया, जहां रात करीब 10:55 बजे उन्हें 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया गया।

सीबीआई ने समर्थ और गिरिबाला पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 85, 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

एजेंसी के अनुसार, ट्विशा (जो पहले 'मिस पुणे' रह चुकी थीं और कॉर्पोरेट सेक्टर में आने से पहले एक एक्टर के तौर पर काम करती थीं) समर्थ से फरवरी 2025 में एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए मिली थीं। उसी साल 9 दिसंबर को उनकी शादी हुई थी।

एनडीटीवी के अनुसार, सीबीआई का आरोप है कि शादी के बाद समर्थ ने ट्विशा को बार-बार मानसिक रूप से परेशान किया, जिसमें यौन रूप से अपमानजनक बातें कहना और शादी से पहले बताए गए रिश्तों के बारे में आरोप लगाना शामिल था। यह भी आरोप है कि जब ट्विशा ने समर्थ के व्यवहार पर आपत्ति जताई, तो गिरिबाला ने बार-बार अपने बेटे का साथ दिया।

खबरों के मुताबिक, मार्च और अप्रैल 2026 में रिश्ते और खराब हो गए। जब ​​ट्विशा हार्ट अटैक के बाद अपने पिता के इलाज के दौरान उनके साथ रह रही थी, तो सीबीआई का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उस पर भोपाल लौटने का दबाव डाला। वह 24 मार्च को लौट आई।

इसके बाद 16 अप्रैल को ट्विशा को पता चला कि वह गर्भवती है। 17 अप्रैल को बहस के बाद, वह अपना ससुराल छोड़कर चली गई।

सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि पैसों से जुड़े झगड़ों ने भी रिश्ते को खराब करने में भूमिका निभाई। खबरों की मुताबिक, ट्विशा ने डीमैट अकाउंट के जरिए शेयरों में लगभग 20 लाख रुपए का निवेश किया था। एजेंसी का आरोप है कि समर्थ और गिरिबाला ने उस पर दबाव डाला कि वह इस निवेश को उस जॉइंट अकाउंट में ट्रांसफर कर दे जो ट्विशा और समर्थ ने 7 अप्रैल को खोला था। उसने मना कर दिया और कहा कि यह पैसा उसके पिता का है।

30 अप्रैल को भोपाल लौटने के बाद, ट्विशा ने कथित तौर पर अपनी मां से कहा कि उसकी जिंदगी 'नरक' बन गई है और उसे एंग्जायटी अटैक आया था। इसके बाद एक साइकियाट्रिस्ट ने उसकी जांच की, जिन्होंने पाया कि वह प्रेग्नेंसी को लेकर चिंतित और परेशान थी और उसे दवाएं दीं।

6 मई को, ट्विशा ने अपनी पुरानी नौकरी पर वापस लौटने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और प्रेग्नेंसी खत्म करने के लिए दवा की पहली डोज ली। अगली सुबह अपनी मां को भेजे मैसेज में, उसने कथित तौर पर ससुराल से बाहर ले जाने के लिए कहा।

चार्जशीट में कहा गया है कि गिरिबाला यह पता लगाना चाहती थी कि क्या प्रेग्नेंसी खत्म करने की प्रक्रिया को पलटा जा सकता है। ट्विशा 7 मई को अपनी सास के साथ अस्पताल गई, लेकिन डॉक्टरों ने कथित तौर पर कहा कि प्रक्रिया को पलटा नहीं जा सकता। बाद में एक और डॉक्टर, डॉ. काकोली रॉय ने उसकी जांच की, जिन्होंने पाया कि वह भावनात्मक रूप से परेशान थी।

सीबीआई का कहना है कि ट्विशा ने अपनी ननद को बताया कि गिरिबाला ने अबॉर्शन को लेकर उसे तीन बार 'कातिल' कहा था। 8 मई को, उसने दूसरी डोज ली और उसे बहुत ज्यादा दर्द और ब्लीडिंग हुई। कहा जाता है कि उसने शिकायत की थी कि समर्थ ने उसकी तकलीफ को 'ड्रामा' कहकर टाल दिया था।

9 मई को, खबरों के अनुसार ट्विशा ने अपनी मां को बताया कि समर्थ ने सवाल उठाया था कि जिस प्रेग्नेंसी को उसने खत्म किया था, वह उसकी थी भी या नहीं। उसने घुटन महसूस होने की बात भी कही और सीबीआई के मुताबिक, मरने और गायब हो जाने के बारे में भी बात की।

एजेंसी ने उसके पुराने बॉस अमित दास का भी जिक्र किया है, जिन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि ट्विशा ने शिकायत की थी कि घर पर उस पर लगातार नजर रखी जा रही थी और उसकी कॉल्स पर भी नजर रखी जा रही थी।

12 मई को ट्विशा ने भोपाल छोड़ने का फैसला किया। उसी शाम करीब 7:51 बजे, उसने अपनी भाभी को बताया कि समर्थ उस पर अपने इन्वेस्टमेंट ट्रांसफर करने का दबाव डाल रहा था ताकि वह उस पैसे को शेयर बाजार में लगा सके। सीबीआई दहेज से जुड़े आरोपों की अलग से जांच कर रही है।

उस दिन पहले, ट्विशा ने राजस्थान के नसीराबाद जाने के लिए ट्रेन टिकट के वास्ते अपनी मां से 3,000 रुपए मांगे। उसके पिता ने पैसे ट्रांसफर किए और उसने टिकट बुक कर लिया। खबरों के मुताबिक, उसने अपने परिवार को बताया कि उसने शादी बचाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन वह वापस आना चाहती थी क्योंकि समर्थ काउंसलिंग के लिए तैयार नहीं था।

बाद में समर्थ काउंसलिंग सेशन में जाने के लिए तैयार हो गया और कपल सुबह करीब 11:30 बजे डॉ. काकोली रॉय से मिला। चार्जशीट के मुताबिक, समर्थ ने ट्विशा के व्यवहार के बारे में भी शिकायतें कीं और कहा कि वे मारिजुआना (गांजा) का सेवन करते थे। डॉक्टर ने कथित तौर पर उसे सलाह दी कि वह उसकी बात सुने, उसे समय दे और गांजा का इस्तेमाल बंद कर दे।

कपल दोपहर करीब 1 बजे घर लौटा। बाद में ट्विशा एक ब्यूटी पार्लर गई और शाम करीब 6:11 बजे लौटी। उसने कथित तौर पर अपनी मां को बताया कि जब उसने बाहर उनके साथ शामिल होने की कोशिश की तो समर्थ और गिरिबाला ने उसे नजरअंदाज कर दिया और उसने यह नतीजा निकाला कि शादी को ठीक नहीं किया जा सकता।

सीबीआई का कहना है कि उसने भोपाल हमेशा के लिए छोड़ने का फैसला किया।

रात करीब 9:20 बजे, ट्विशा कथित तौर पर राशि से फ़ोन पर बात कर रही थी और लगातार रो रही थी। उसने कथित तौर पर कहा कि जब उसने समर्थ से पीठ दर्द के कारण बेडरूम में सोने के लिए कहा, तो वह आक्रामक और हिंसक हो गया।

कॉल कटने के बाद, ट्विशा ने रात करीब 9:29 बजे एक और कॉल का जवाब दिया, लेकिन कथित तौर पर वह इतनी परेशान थी कि बोल नहीं पा रही थी। रात 9:36 बजे, उसने मैसेज भेजकर "शांति से मरने" देने की गुज़ारिश की।

उसकी मां ने बार-बार उससे संपर्क करने की कोशिश की। रात करीब 10:10 बजे, उसने गिरिबाला को फोन किया और ट्विशा का हाल-चाल देखने को कहा। सीबीआई का कहना है कि सीसीटीवी में गिरिबाला को रात करीब 10:16 बजे अपने कमरे से निकलते और ट्विशा के बेडरूम की ओर जाते हुए देखा गया। उसने कथित तौर पर ट्विशा को न पाकर रात 10:18 बजे उसे फोन किया और रात 10:21 बजे समर्थ से संपर्क किया। रात 10:23 बजे, सीसीटीवी में कथित तौर पर गिरिबाला और फिर समर्थ को छत की ओर जाते हुए देखा गया।

ट्विशा को समर्थ, उसके कजिन और एक घरेलू कामगार नीचे लाए और फिर एम्स भोपाल ले गए। इस मामले में पोस्टमार्टम को लेकर भी विवाद हुआ। एम्स भोपाल की शुरुआती रिपोर्ट में मौत की वजह 'एंटी-मॉर्टम हैंगिंग' (मरने से पहले फांसी लगना) बताई गई थी। ट्विशा के परिवार की चिंता और दोबारा जांच की मांग के बाद, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दूसरा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था।

एम्स दिल्ली के एक मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को शव की जांच की और नतीजा निकाला कि मौत की वजह एंटी-मॉर्टम हैंगिंग के कारण दम घुटना था और मौत को आत्महत्या माना। बोर्ड को मौत से पहले मारपीट का संकेत देने वाली कोई अन्य महत्वपूर्ण चोट भी नहीं मिली।

एजेंसी ने कहा कि उसकी डायरी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर किए गए फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन से लंबे समय तक मानसिक नुकसान, निराशा और समर्थन की कमी का पता चला। सीबीआई का आरोप है कि आरोपी ने ट्विशा के साथ इतनी क्रूरता की कि उसके पास अपनी जान देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

हालांकि, जांच अभी भी जारी है। सीबीआई ट्विशा के मुख्य आईफोन से फोरेंसिक डेटा निकालने का इंतजार कर रही है। उसका कहना है कि इससे अतिरिक्त सबूत मिल सकते हैं, गवाहों की पहचान हो सकती है या अन्य लोगों की संलिप्तता का पता चल सकता है।

आरोपी के घर से बरामद डीवीआर को भी नई दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है ताकि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की निरंतरता का पता लगाया जा सके और किसी भी तरह की छेड़छाड़ की जांच की जा सके। जांच के दौरान मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग से मिलान करने के लिए समर्थ और गिरिबाला के वॉयस सैंपल भी अलग-अलग फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

सीबीआई ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 193(9) के तहत दहेज की मांग और दहेज के कारण मौत से जुड़े आरोपों की जांच जारी रखने की अनुमति भी मांगी है।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस