जाधवपुर यूनिवर्सिटी में नारे पर बवाल, पश्चिम बंगाल सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग
नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं समेत कई राजनीतिक दलों ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार से मांग की कि जाधवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) कैंपस में 'कश्मीर मांगे आजादी' जैसे नारे लगाने वालों को कड़ी सजा दी जाए।
यह मांग तब की गई है जब यूनिवर्सिटी कैंपस में देश-विरोधी नारों और ग्राफिटी के खिलाफ रैली निकालने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि देश-विरोधी ताकतों और 'भगवा' का अपमान करने वालों को राज्य की धरती से उखाड़ फेंका जाएगा।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मैं बंगाल के मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि वे ऐसे लोगों की तुरंत पहचान करें और उन्हें कड़ी सजा दिलाएं।"
जेडी(यू) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने मुख्यमंत्री की बात का समर्थन करते हुए कहा, "ऐसे लोग बंगाल में रहने के लायक नहीं हैं। यूनिवर्सिटी शिक्षा का मंदिर है और अगर वहां इस तरह की राजनीति होती है तो ऐसी हरकतें करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"
भाजपा नेता और बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "इसमें कुछ भी नया नहीं है। शुरू से ही यूनिवर्सिटी में ऐसे लोग रहे हैं जो बंगाल और देश की मुख्यधारा के खिलाफ राजनीति करते हैं। पूरा देश जानता है कि जेएनयू और जाधवपुर में कुछ ऐसे लोग हैं जो ऐसी घटनाएं करते रहते हैं।"
कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने भी कहा, "वहां भाजपा की ही सरकार है, इसलिए उसे ऐसी हरकतों के खिलाफ कदम उठाने चाहिए। उन्हें ऐसा करने से किसने रोका है?"
तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि जाधवपुर मेरिट के मामले में बहुत ऊंचे स्थान पर है और बंगाल के सबसे अच्छे शिक्षण संस्थानों में से एक है। वहां ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने 'वंदे मातरम' गाया। हालांकि, हर कोई एक जैसा नहीं सोचता, और हम भी उनके खिलाफ हैं जो 'कश्मीर आजादी की मांग करता है' कह रहे हैं। यह भारत-विरोधी नारा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, "कैंपस की राजनीति का पूरी तरह से विरोध करना भी गलत है।"
पिछले महीने जाधवपुर यूनिवर्सिटी, सीपीआई(एम) के स्टूडेंट विंग 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसएफआई) और 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प की वजह से सुर्खियों में रही थी।
इस टकराव के बाद दोनों स्टूडेंट ग्रुप्स ने विरोध-प्रदर्शन किया और कैंपस में और ज्यादा अशांति फैल गई। इसके बाद, भाजपा ने जाधवपुर यूनिवर्सिटी के बाहर एक विरोध सभा आयोजित की, जिसे सीएम सुवेंदु अधिकारी ने संबोधित किया।
--आईएएनएस
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