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केटीआर ने पासपोर्ट जब्ती की झूठी खबर प्रकाशित करने पर तेलुगु दैनिक को भेजा कानूनी नोटिस

हैदराबाद, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (केटीआर) ने फॉर्मूला ई रेस मामले में अदालत द्वारा उनके पासपोर्ट की अस्थायी जब्ती का आदेश दिए जाने संबंधी कथित गलत खबर प्रकाशित करने को लेकर एक प्रमुख तेलुगु दैनिक को कानूनी नोटिस भेजा है।
 

हैदराबाद, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (केटीआर) ने फॉर्मूला ई रेस मामले में अदालत द्वारा उनके पासपोर्ट की अस्थायी जब्ती का आदेश दिए जाने संबंधी कथित गलत खबर प्रकाशित करने को लेकर एक प्रमुख तेलुगु दैनिक को कानूनी नोटिस भेजा है।

रामा राव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उनके वकील ने संबंधित तेलुगु दैनिक को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि 50 वर्षों के इतिहास वाले प्रतिष्ठित समाचार पत्र द्वारा तथ्यों की पुष्टि किए बिना गलत खबर प्रकाशित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

केटीआर ने मांग की कि प्रकाशित गलत खबर को तत्काल सभी माध्यमों से हटाया जाए और बिना शर्त माफी मांगी जाए।

रामा राव के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कानूनी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित विशेष अदालत ने उनके पासपोर्ट की अस्थायी जब्ती को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया था। नोटिस में समाचार पत्र से 48 घंटे के भीतर खबर वापस लेने, उसी प्रमुखता से स्पष्टीकरण प्रकाशित करने और बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया है।

बयान के अनुसार, 29 सितंबर को प्रकाशित खबर तथ्यों के विपरीत थी और इससे पाठकों को गुमराह किया गया। केटीआर की ओर से अधिवक्ता एन. ललिता रेड्डी ने यह नोटिस समाचार पत्र के संपादक, प्रकाशक, मुद्रक, रेजिडेंट एडिटर और संबंधित रिपोर्टर को भेजा है।

कानूनी नोटिस में कहा गया है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के जांच अधिकारी ने विशेष अदालत में केटीआर के पासपोर्ट के संबंध में उचित आदेश देने का अनुरोध करते हुए एक मेमो दाखिल किया था। नोटिस के मुताबिक, इस मेमो को अदालत के आदेश के रूप में पेश करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।

नोटिस में जोर देकर कहा गया है कि विशेष अदालत ने केटीआर के पासपोर्ट को अस्थायी रूप से जब्त करने का कोई आदेश जारी नहीं किया था। हालांकि, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने 28 सितंबर को पासपोर्ट अधिनियम की धारा 10(3)(ई) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था और जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया था।

वकील ने कहा कि अदालत द्वारा पासपोर्ट जब्त करने का आदेश दिए जाने का दावा करने वाली खबर से आम लोगों के बीच केटीआर की गलत छवि बन सकती है।

कानूनी नोटिस में समाचार प्रकाशित करने के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोतों और उसके आधार की जानकारी देने के साथ यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या संबंधित रिपोर्टर ने वास्तव में अदालत के रिकॉर्ड या आदेशों की जांच की थी। इसके अलावा खबर से संबंधित व्हाट्सऐप संदेश, ईमेल, नोट्स, रिकॉर्डिंग, दस्तावेज, ड्राफ्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा गया है।

नोटिस में खबर को तत्काल वापस लेने, समान प्रमुखता के साथ सुधार प्रकाशित करने और केटीआर से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल, ई-पेपर, वेबसाइट, सोशल मीडिया और डिजिटल आर्काइव सहित सभी प्लेटफॉर्म पर खबर को सुधारने के लिए कहा गया है।

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि 48 घंटे के भीतर उचित कार्रवाई नहीं होने पर केटीआर की ओर से दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की जाएगी। इसके अलावा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में भी शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई है।

--आईएएनएस

डीएससी