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क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को नहीं बख्शा जाएगा: बीवाई विजयेंद्र

बेंगलुरु, 19 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने शुक्रवार को कहा कि विधान परिषद चुनाव में भाजपा विधायकों द्वारा कथित क्रॉस वोटिंग के मामले को पार्टी ने गंभीरता से लिया है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात का समय भी मांगा है।
 
क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को नहीं बख्शा जाएगा: बीवाई विजयेंद्र

बेंगलुरु, 19 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने शुक्रवार को कहा कि विधान परिषद चुनाव में भाजपा विधायकों द्वारा कथित क्रॉस वोटिंग के मामले को पार्टी ने गंभीरता से लिया है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात का समय भी मांगा है।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि उन्होंने 18 जून को हुए विधान परिषद चुनाव और कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात का अनुरोध किया है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन के दोनों दलों में क्रॉस वोटिंग हुई है। उनके अनुसार, जेडी(एस) के छह से सात विधायकों और भाजपा के चार से पांच विधायकों ने गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में मतदान नहीं किया।

विजयेंद्र ने कहा, "हमें इस बात की जानकारी मिली है कि चुनाव के दौरान किन लोगों ने खेल किया। मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष को पूरी जानकारी दूंगा। जिन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनाव चिन्ह पर जीतकर आने वाले विधायक यदि क्रॉस वोटिंग में शामिल पाए गए तो उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। हालांकि उन्होंने संबंधित विधायकों के नाम बताने से इनकार किया, लेकिन कहा कि पार्टी के पास पर्याप्त जानकारी है और मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा, "भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और हर चीज की एक सीमा होती है। पार्टी कार्यकर्ता इन घटनाओं से आहत हैं। यदि भाजपा विधायक ऐसे कृत्य में शामिल पाए जाते हैं तो पार्टी निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी।"

भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के साथ चर्चा के बाद तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला किया गया था। उन्होंने बताया कि चुनाव से करीब दस दिन पहले कुमारस्वामी ने उनसे संपर्क कर कांग्रेस को आसान जीत नहीं देने और मजबूती से मुकाबला करने की बात कही थी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद भाजपा ने गठबंधन उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया था और दोनों दलों का उद्देश्य तीसरे उम्मीदवार को जिताना था।

विजयेंद्र ने कहा कि चुनाव परिणाम से कुमारस्वामी बेहद आहत हैं और क्रॉस-वोटिंग केवल जेडी(एस) ही नहीं, बल्कि भाजपा का भी अपमान है। उन्होंने कहा, "यदि भाजपा विधायकों ने जेडी(एस) उम्मीदवार के साथ विश्वासघात किया है, तो यह भाजपा के साथ भी विश्वासघात है।"

उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर कुछ समय से आंतरिक मतभेद दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भरोसा जताया कि भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर उचित कार्रवाई करेगा।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की राजनीतिक रणनीतियों से भाजपा के भयभीत होने के सवाल पर विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा किसी से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी का संगठन मजबूत है और वह हर राजनीतिक चुनौती का मुकाबला करेगी।

पार्टी के भीतर कुछ लोगों द्वारा उनकी स्थिति कमजोर करने के प्रयासों के सवाल पर विजयेंद्र ने कहा कि कोई भी किसी की नियति नहीं बदल सकता। उन्होंने कहा, "मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं, प्रदेश अध्यक्ष हूं और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा का पुत्र हूं। उचित संदेश पार्टी की प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा।"

गौरतलब है कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि भाजपा को दो सीटें मिलीं। वहीं, एनडीए की सहयोगी जेडी(एस) अपने उम्मीदवार को जीत दिलाने में असफल रही।

--आईएएनएस

डीएससी