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एआई तकनीक के साथ लॉन्च हुआ फिल्म 'कृष्णा' का टीजर, भारतीय पौराणिक कहानियों को मिलेगा ग्लोबल मंच

मुंबई, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। आज के दौर में फिल्म बनाने का तरीका तेजी से बदल रहा है। जहां पहले फिल्मों में सेट, लोकेशन और वीएफएक्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था, वहीं अब नई तकनीकें इस इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल अब फिल्मों में भी बड़े स्तर पर होने लगा है। इसी बदलाव की झलक हाल ही में देखने को मिली, जब फिल्म 'कृष्णा' का टीजर एक बड़े इवेंट एनएबी शो 2026 में लॉन्च किया गया।
 
एआई तकनीक के साथ लॉन्च हुआ फिल्म 'कृष्णा' का टीजर, भारतीय पौराणिक कहानियों को मिलेगा ग्लोबल मंच

मुंबई, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। आज के दौर में फिल्म बनाने का तरीका तेजी से बदल रहा है। जहां पहले फिल्मों में सेट, लोकेशन और वीएफएक्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था, वहीं अब नई तकनीकें इस इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल अब फिल्मों में भी बड़े स्तर पर होने लगा है। इसी बदलाव की झलक हाल ही में देखने को मिली, जब फिल्म 'कृष्णा' का टीजर एक बड़े इवेंट एनएबी शो 2026 में लॉन्च किया गया।

इस फिल्म का निर्देशन मनु आनंद कर रहे हैं। इसमें शुरुआत से लेकर आखिर तक एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, फिल्म की कहानी और भावनाएं पूरी तरह निर्देशक के विजन पर आधारित है।

यह फिल्म 'हिस्ट्रीवर्स' नाम के एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे कलेक्टिव स्टूडियोज तैयार कर रहा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद भारतीय इतिहास और पौराणिक कथाओं को बड़े स्तर पर पेश करना है। इसमें काली, कर्ण और दुर्गा जैसे कई प्रसिद्ध किरदारों की कहानियों को शामिल किया जाएगा।

फिल्म 'कृष्णा' को कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क और जियो स्टूडियोज मिलकर बना रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में गैलेरी5 नाम का एक खास एआई प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क ने तैयार किया है। यह प्लेटफॉर्म माइक्रोसॉफ्ट एज्योर की एडवांस तकनीक पर आधारित है।

फिल्म की पहली झलक को माइक्रोसॉफ्ट के कार्यक्रम 'एनएबी शो 2026' में पेश किया गया। इस मौके पर जियो स्टूडियोज की प्रेसिडेंट ज्योति देशपांडे ने कहा, ''हमारा लक्ष्य हमेशा से भारतीय कहानियों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना रहा है। इस फिल्म के जरिए हम नई तकनीक को अपनाते हुए कहानी कहने के तरीके को और बेहतर बना रहे हैं। ऐसी तकनीकों को आम क्रिएटर्स के लिए आसान और सस्ता बनाना जरूरी है, ताकि ज्यादा लोग अपनी कहानियां दुनिया तक पहुंचा सकें।''

वहीं, कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क के ग्रुप सीईओ और फाउंडर विजय सुब्रमण्यम ने कहा, ''यह फिल्म भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने का एक नया तरीका है। भारत में विकसित हो रही तकनीक के जरिए अब हमारी कहानियां पहले से कहीं ज्यादा बड़े स्तर पर दुनिया के सामने आ सकती हैं।''

--आईएएनएस

पीके/पीएम