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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: पंडाल कलाकार और तीन चश्मदीदों से पूछताछ करेगी एसआईटी

कोलकाता, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत के मामले की जांच कर रही कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआआटी) ने पंडाल की थीम तैयार करने वाले कलाकार सुशांत सिबानी पॉल को 28 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया है।
 

कोलकाता, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत के मामले की जांच कर रही कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआआटी) ने पंडाल की थीम तैयार करने वाले कलाकार सुशांत सिबानी पॉल को 28 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया है।

एसआईटी ने इस हादसे के तीन चश्मदीदों को भी अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जानलेवा भगदड़ की वजह क्या थी? शहर की पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट से जुड़े एक असिस्टेंट कमिश्नर की अगुवाई वाली यह टीम पंडाल के डिजाइन, भीड़ की आवाजाही और उन हालात की जांच कर रही है, जिनकी वजह से श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "सुशांत सिबानी पॉल को 28 अक्टूबर तक मध्य कोलकाता के लालबाजार स्थित हमारे मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। उनसे पूछताछ करके, जांच अधिकारी पंडाल के डिजाइन को समझना चाहते हैं। वे यह भी देखना चाहते हैं कि क्या इसके लेआउट में कोई कमी या खामी थी, जिसकी वजह से भारी भीड़ के लिए वहां पर्याप्त जगह नहीं बची थी।"

अधिकारी के मुताबिक, तीन चश्मदीदों से पूछताछ करने से जांचकर्ताओं को यह समझने में मदद मिलेगी कि भगदड़ से ठीक पहले पंडाल के अंदर क्या हालात थे? इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस बात ने श्रद्धालुओं के बीच अफरातफरी पैदा की, जिसकी वजह से वे बाहर निकलने के रास्तों की ओर भागने लगे।

शुरुआती जांच से पता चला है कि एक गुमराह करने वाली घोषणा, अफरा-तफरी मचने के मुख्य कारणों में से एक थी। यह घटना 17 अक्टूबर को भारी बारिश के दौरान हुई थी। जब भीड़ से भरे पंडाल में पहले से ही काफी उलझन और अफरा-तफरी का माहौल था, तो बाहर इंतजार कर रहे श्रद्धालु अंदर आने की कोशिश कर रहे थे, जबकि अंदर मौजूद कई लोग खराब मौसम की वजह से बाहर नहीं जाना चाहते थे।

इसी अफरातफरी के बीच, एक ऐसी घोषणा की गई जिसमें दावा किया गया कि पंडाल गिर गया है और लोगों से तुरंत बाहर निकलने को कहा गया। इस घोषणा ने वहां मौजूद लोगों के बीच घबराहट पैदा कर दी।

इसके बाद लोग बाहर निकलने के रास्तों की ओर भागने लगे, जिससे भगदड़ मच गई। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। जांचकर्ता अब घटनाओं के क्रम और इस हादसे में आयोजकों की कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारी ने बताया, "गुमराह करने वाली घोषणा करने के शक में दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। चश्मदीदों से पूछताछ करके, जांच अधिकारी यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या इस बात के सबूत हैं कि उस घोषणा की वजह से ही अफरा-तफरी मची और भगदड़ हुई।"

--आईएएनएस

एसडी/पीएम