कोलकाता भगदड़: फोरेंसिक टीम ने दुर्गा पूजा पंडाल परिसर का 3डी स्कैन किया
कोलकाता, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस के फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने गुरुवार को उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन के सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल के विभिन्न हिस्सों की 3डी स्कैनिंग की, जहां 17 अक्टूबर की रात एक दुखद भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई थी।
सूत्रों ने बताया कि पंडाल परिसर की 3डी स्कैनिंग इसलिए की गई ताकि यह स्पष्ट रूप से समझा जा सके कि पंडाल का डिजाइन और व्यवस्था कैसी थी, प्रवेश द्वार और गेट कितने चौड़े थे, आदि। इन बातों की जानकारी जांच के लिए जरूरी है।
कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ भी मौजूद थे। इस टीम का नेतृत्व शहर पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) के एक असिस्टेंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी कर रहे थे।
एसआईटी के सदस्य इससे पहले भी चोरबागन सार्वजनिन पंडाल का दौरा कर चुके थे। गुरुवार को सीसीटीवी फुटेज देखने के अलावा, एसआईटी सदस्यों ने शनिवार रात हुई घटना के समय वहां मौजूद सिविक वॉलंटियर्स और क्लब के सदस्यों से पूछताछ करके पूरी घटनाक्रम को फिर से समझने की कोशिश की।
शहर पुलिस के एक सूत्र ने बताया, "पंडाल को लंबे समय तक उसी जगह पर रखना संभव नहीं है। इसे हटाने से पहले सभी जरूरी सैंपल इकट्ठा करना जरूरी है, जो बाद में जांच में काम आएंगे। इसीलिए फोरेंसिक विशेषज्ञों ने पूरे पंडाल की 3डी स्कैनिंग की है। भविष्य में, इस 3डी स्कैन की फुटेज से घटना स्थल को समझने में मदद मिलेगी।"
इस बीच पुलिस ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। शक है कि भगदड़ मचने से ठीक पहले, उसी ने माइक्रोफोन पर एक भ्रामक घोषणा की थी। इस घोषणा से पंडाल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और वे सभी बाहर निकलने वाले गेट की ओर भागने लगे।
यह भ्रामक घोषणा ऐसे समय में की गई जब बारिश की वजह से पंडाल के अंदर पहले ही काफी अफरातफरी मची हुई थी। बाहर मौजूद लोग बारिश से बचने के लिए अंदर आने की कोशिश कर रहे थे, जबकि अंदर मौजूद लोग उसी वजह से बाहर जाने से मना कर रहे थे।
उसी समय, एक भ्रामक घोषणा की गई जिसमें लोगों से कहा गया कि पंडाल का ढांचा गिर सकता है, इसलिए वे तुरंत बाहर निकल जाएं। इससे वहां भारी दहशत फैल गई और लोग बाहर निकलने के लिए दौड़ पड़े। कुछ लोग तो बाहर निकलने के लिए प्रवेश द्वार की ओर भी भागने लगे, जिसकी वजह से अंततः भगदड़ मच गई।
फिलहाल, दक्षिण कोलकाता के लालबाजार स्थित शहर पुलिस मुख्यालय में इस व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, शहर प्रशासन ने अब तक इस मामले में कोई और जानकारी नहीं दी है, जिसमें हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम भी शामिल है।
गुरुवार को, राज्य सरकार द्वारा गठित छह सदस्यीय न्यायिक जांच पैनल के सदस्य, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती (सेवानिवृत्त) कर रही हैं, चोरबागन सार्वजनीन पहुंचे और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की।
इस न्यायिक जांच पैनल को अगले तीन महीनों के भीतर अपनी जांच पूरी करके राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपनी है। पैनल की अध्यक्ष का मानना है कि यह एक चुनौतीपूर्ण काम है।
--आईएएनएस
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