Aapka Rajasthan

कोलकाता में फर्जी पीएम वाई-फाई योजना का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का शक

कोलकाता, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने मध्य कोलकाता के डलहौजी इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। आरोप है कि यह गिरोह फर्जी प्रधानमंत्री वाई-फाई योजना के तहत आजीवन इंटरनेट की सुविधा देने का झांसा देकर देशभर के लोगों को ठग रहा था।
 

कोलकाता, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने मध्य कोलकाता के डलहौजी इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। आरोप है कि यह गिरोह फर्जी प्रधानमंत्री वाई-फाई योजना के तहत आजीवन इंटरनेट की सुविधा देने का झांसा देकर देशभर के लोगों को ठग रहा था।

बताया जाता है कि आरोपी सरकारी प्रतिनिधि बनकर लोगों से पैसे वसूल रहे थे और उन्हें इस कथित योजना के तहत फायदे देने का वादा कर रहे थे। छापे के दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और ग्राहकों की जानकारी वाला एक बड़ा डेटाबेस जब्त किया गया है।

जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपियों ने इस धंधे के जरिए लोगों से करोड़ों रुपए ठगे हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी के दायरे का पता लगाने, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और पीड़ितों से वसूले गए पैसों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, फर्जी कॉल सेंटर के संचालकों का दावा था कि सरकार ने एक नई प्रधानमंत्री वाई-फाई योजना शुरू की है। वे लोगों से कहते थे कि पहली किस्त के रूप में छोटी सी रकम देकर वे जीवन भर देश में कहीं भी वाई-फाई सेवा का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इस आकर्षक ऑफर ने कई लोगों को पैसे देने के लिए राजी कर लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि कथित पीड़ित देश के अलग-अलग हिस्सों से हैं, जिनमें बड़ी संख्या कोलकाता के लोगों की है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी फोन पर लोगों से संपर्क करते थे, खुद को सरकारी प्रतिनिधि बताते थे और योजना के कथित फायदे समझाते थे। ग्राहकों को भुगतान के लिए राजी करने के लिए वे एक तैयार स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करते थे।

एक गोपनीय सूत्र से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस के जासूसों ने बुधवार को डलहौजी इलाके में गवर्नमेंट प्लेस (ईस्ट) स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारा। इस दौरान छह लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें पांच महिलाएं शामिल हैं।

गिरफ्तार लोगों में कॉल सेंटर के मैनेजर कृष्णेंदु साहा भी शामिल हैं। तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं ने कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, ग्राहकों का एक बड़ा डेटाबेस और एक लिखित स्क्रिप्ट बरामद की, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर टेलीकॉलर संभावित पीड़ितों को लुभाने के लिए करते थे।

पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह कैसे काम करता था, कितने लोगों को ठगा गया और इस धंधे को चलाने में अन्य लोग या संगठन शामिल थे या नहीं। जांचकर्ता पीड़ितों की पहचान के लिए जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और ग्राहकों के रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम