कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़: बंगाल सरकार ने छह सदस्यीय न्यायिक जांच समिति के गठन की घोषणा की
कोलकाता, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन स्थित सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की रात हुई भगदड़ की जांच के लिए छह सदस्यीय न्यायिक जांच समिति के गठन की घोषणा की। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, न्यायिक जांच समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती (सेवानिवृत्त) करेंगी।
जांच समिति के अन्य पांच सदस्य राज्य आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव, राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिदेशक, राज्य पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक रैंक के एक अन्य प्रतिनिधि, राज्य गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव रैंक से कम रैंक के एक प्रतिनिधि और कोलकाता स्थित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के एक प्रतिनिधि होंगे।
आदेश के अनुसार, उक्त जांच पैनल राज्य सरकार से अनुरोध करेगा कि वह अपने कार्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त करे। पैनल के सदस्य उपरोक्त विवरण में उल्लिखित मामलों की जांच करेंगे और लागू कानूनों और प्रक्रियाओं के अधीन रहते हुए आवश्यक आगे की जांच करेंगे।
आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित विभाग, प्राधिकरण, एजेंसियां और व्यक्ति विशेष जांच दल (एसआईटी) को पूर्ण सहयोग देंगे और जांच के लिए आवश्यक अभिलेख, सूचना और सहायता प्रदान करेंगे। एसआईटी इस आदेश के जारी होने की तिथि से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट, निष्कर्षों और सिफारिशों सहित, राज्य सरकार को विचार और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई के लिए प्रस्तुत करेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
दुखद घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि वे चाहते हैं कि न्यायिक जांच पैनल का नेतृत्व कलकत्ता हाई कोर्ट के सेवारत न्यायाधीश द्वारा किया जाए।
तदनुसार, इस संबंध में मुख्य सचिव के कार्यालय से कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे के कार्यालय को एक अनुरोध पत्र भी भेजा गया था।
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