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कोलकाता नगर निगम ने 3,000 अवैध निर्माणों की पहचान की

कोलकाता, 31 मई (आईएएनएस)। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के भवन विभाग ने शहर भर में लगभग 3,000 अवैध निर्माणों की पहचान की है। इसकी जानकारी नगर निगम के एक अधिकारी ने रविवार को दी।
 
कोलकाता नगर निगम ने 3,000 अवैध निर्माणों की पहचान की

कोलकाता, 31 मई (आईएएनएस)। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के भवन विभाग ने शहर भर में लगभग 3,000 अवैध निर्माणों की पहचान की है। इसकी जानकारी नगर निगम के एक अधिकारी ने रविवार को दी।

अधिकारी ने बताया कि इन हजारों आवासों में किए गए निर्माण और विस्तार पूरी तरह से गैरकानूनी हैं और इन्हें किसी भी क्षण ध्वस्त किया जा सकता है। पूर्वी कोलकाता में ईएम बाईपास के आसपास ऐसे कई अवैध ढांचे बन गए हैं।

कोलकाता नगर निगम के छह नगरों में से बेलियाघाटा, तंगरा, तिलजाला, बुर्राबाजार, टॉपसिया, कस्बा, गार्डन रीच, मेतियाब्रुज, कोसीपोर और चितपुर जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक अवैध निर्माण हुए हैं। केएमसी के भवन विभाग द्वारा कुछ क्षेत्रों को 'रेड जोन' घोषित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन रेड जोन को उन स्थानों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जहां अवैध निर्माणों की अच्छी-खासी संख्या मौजूद है।

जांच के दौरान केएमसी अधिकारियों ने पाया कि इन अवैध निर्माणों को स्थानीय प्रमोटरों और गिरोहों द्वारा सुगम बनाया गया था।

केएमसी के सूत्रों के अनुसार, अक्सर ऐसा होता है कि कोई प्रमोटर या निर्माण कंपनी नगर निगम से 'जी प्लस फोर' इमारत के निर्माण की मंजूरी तो ले लेती है, लेकिन बाद में 'डी प्लस फाइव' इमारत का निर्माण कर देती है। इससे न केवल अतिरिक्त 'अवैध' मंजिल से मुनाफा बढ़ाने का मौका मिलता है, बल्कि भवन निर्माण सामग्री की खरीद से जुड़ी लागत में भी भारी वृद्धि होती है। इस मुनाफे को गिरोहों में बांट दिया जाता है।

एक अधिकारी ने कहा कि कुछ इमारतों में जहां अवैध रूप से एक अतिरिक्त मंजिल का निर्माण किया गया है, वहां पूरी संरचना को ध्वस्त नहीं किया जाएगा, बल्कि केवल अतिरिक्त मंजिल की ही जांच की जाएगी।

कोलकाता नगर निगम के भवन विभाग का कहना है कि कोलकाता के जिन इलाकों को अवैध निर्माण के लिए 'रेड जोन' घोषित किया गया है, वहां अवैध निर्माण के लिए गिरोहों द्वारा गांवों या झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों को ध्वस्त किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इन अवैध निर्माणों में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद शासन से मिले आदेश पर केएमसी प्रशासक अवैध निर्माणों की पहचान करने के लिए शहर की निगरानी कर रहे हैं।

तिलजाला, बेलियाघाटा और कस्बा क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के समर्थन से बने अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई जारी है।

--आईएएनएस

डीकेपी/