केरल में नशे में ड्राइविंग पर सख्ती, 10 हजार चालकों के पकड़े जाने के बाद सरकार का कड़ा रुख
त्रिशूर, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर पुलिस ने दो दिवसीय राज्यव्यापी अभियान में शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए 10,000 से अधिक लोगों को पकड़ा है। इसके बाद गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मंत्री ने सोमवार को कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाते पकड़े गए लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनके लाइसेंस रद्द करने के कदम उठाए जाएंगे।
सरकार उन्हें दोबारा लाइसेंस प्राप्त करने से रोकने के उपायों पर भी विचार करेगी।
दिन और रात दोनों समय चलाए गए इन जांच अभियानों के दौरान पकड़े गए उल्लंघनों की व्यापकता राज्य में सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती की ओर इशारा करती है।
केवल 48 घंटों में पकड़े गए बड़ी संख्या में अपराधियों ने यातायात नियमों के अनुपालन और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए उत्पन्न जोखिमों पर भी सवाल खड़े किए हैं।
चेन्निथला ने कहा कि हाल ही में हुए सड़क हादसों में शराब और नशीले पदार्थों की भूमिका देखी गई है।
त्योहारी मौसम नजदीक आने के साथ ही, पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे शराब पीकर वाहन चलाने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने हेतु जांच तेज करें।
मंत्री ने जनता से निरीक्षणों में सहयोग करने की अपील करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सड़कों पर इस खतरनाक प्रथा को रोकने के लिए यह अभियान आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शराब या मादक पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाते पाए जाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव बार-बार या गंभीर यातायात उल्लंघन करने वालों के प्रति सख्त रुख का संकेत है।
यह प्रवर्तन अभियान सड़क दुर्घटनाओं और लापरवाही से वाहन चलाने से उत्पन्न खतरे को लेकर बढ़ती चिंता के बीच शुरू किया गया है।
अधिकारी वाहन चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि यह उल्लंघन न केवल स्वयं चालकों बल्कि यात्रियों, पैदल यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी खतरा पैदा करता है।
--आईएएनएस
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