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ट्रेड यूनियनों के साथ परामर्श के बाद नए श्रम संहिता नियम बनाएगी केरल सरकार

तिरुवनंतपुरम, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल की सतीशन सरकार ने लेबर कोड लागू करने के लिए नए नियमों को अंतिम रूप देने से पहले ट्रेड यूनियनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने का फैसला किया है। इसके लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसे 10 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपने का काम सौंपा गया है।
 

तिरुवनंतपुरम, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल की सतीशन सरकार ने लेबर कोड लागू करने के लिए नए नियमों को अंतिम रूप देने से पहले ट्रेड यूनियनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने का फैसला किया है। इसके लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसे 10 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपने का काम सौंपा गया है।

यह निर्णय गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया, जिसमें श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा और 22 ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी शामिल हुए।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य सरकार कानून के दायरे में रहते हुए नियम तैयार कर रही है और साथ ही 'लेबर कोड' का श्रमिकों पर पड़ने वाले असर को लेकर जताई गई चिंताओं का समाधान करना चाहती है।

मुख्यमंत्री सतीशन ने स्पष्ट किया कि सरकार सभी हितधारकों की राय सुनने और कानूनी रूप से संभव विकल्पों की जांच करने के बाद ही इन्हें लागू करने के बारे में अंतिम निर्णय लेगी।

इस समिति का गठन श्रम विभाग के सचिव द्वारा किया जाएगा, जिसमें विधि विभाग के अतिरिक्त सचिव एक सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

इसमें श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न ट्रेड यूनियनों के सात प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम 'लेबर कोड' के तहत राज्य के नियम तैयार करने के लिए व्यावहारिक सुझाव देना होगा।

समिति के सुझावों का मसौदा सभी ट्रेड यूनियनों को भेजा जाएगा। जिन यूनियनों का इस समिति में कोई प्रतिनिधि नहीं है, उन्हें भी इसकी बैठकों में शामिल होने और अपनी राय रखने का मौका दिया जाएगा।

नियमों को अंतिम रूप देने से पहले, सरकार ट्रेड यूनियनों को 2021 में तैयार किए गए मसौदे में संशोधन का सुझाव देने का अवसर भी देगी।

केंद्र सरकार के साथ जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, उनमें से एक 'लेबर कोड' के प्रावधानों को लागू करने के लिए तय की गई सीमा से जुड़ा है।

बैठक में यह तय किया गया कि इस मुद्दे को केंद्र सरकार के ध्यान में लाया जाए और उनसे इस सीमा को कम करने का आग्रह किया जाए।

मुख्यमंत्री सतीशन ने ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि सरकार श्रमिकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानूनी ढांचे के भीतर रहते हुए ऐसे कदम उठाएगी जिससे 'लेबर कोड' के प्रतिकूल प्रभावों को कम से कम किया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह उम्मीद भी जताई कि केरल द्वारा बनाए गए नियम अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल का काम करेंगे।

बैठक में शामिल सभी ट्रेड यूनियनों के बीच इस बात पर सहमति थी कि श्रमिकों के हितों की रक्षा करना जरूरी है। विशेष समिति की रिपोर्ट और ट्रेड यूनियनों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करने के बाद ही राज्य के अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे और प्रकाशित किए जाएंगे।

समिति के काम के लिए 10 दिनों की समय-सीमा तय की गई है, जो काफी कम है लेकिन इन्हें लागू करने के बारे में सरकार का अंतिम निर्णय परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम