केरल पीएससी परीक्षा घोटाला : पूर्व अधिकारी गिरफ्तार, चेयरमैन एमआर बैजू से भी पूछताछ
तिरुवनंतपुरम, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल में लोक सेवा आयोग (पीएससी) से जुड़े कथित परीक्षा घोटाले की जांच के तहत क्राइम ब्रांच ने बुधवार को पीएससी के पूर्व अधिकारी पी. सतीश को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पीएससी के चेयरमैन एम. आर. बैजू जांच टीम के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए।
पी. सतीश को कोझिकोड से गिरफ्तार किया गया। उन पर राज्य योजना बोर्ड के प्रमुख पद की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप है।
सतीश पीएससी की परीक्षा शाखा के प्रभारी थे और विवादित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी भी उनके पास थी।
क्राइम ब्रांच ने हाल ही में उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया था। वह पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए थे।
सतीश की गिरफ्तारी को जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब जांच का दायरा बढ़ाकर वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका और अन्य भर्ती परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की भी जांच की जा रही है।
जारी जांच के तहत पीएससी चेयरमैन एम. आर. बैजू बुधवार को क्राइम ब्रांच की टीम के सामने पेश हुए। पीएससी सदस्यों से पूछताछ की प्रक्रिया इस सप्ताह की शुरुआत में शुरू हुई थी।
अब तक तीन सदस्य जांच टीम के सामने पेश हो चुके हैं और उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
बताया जा रहा है कि पीएससी सदस्यों ने जांच अधिकारियों से कहा कि परीक्षा आयोजित करने या उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी।
उनका कहना है कि उनकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से इंटरव्यू पैनल तक सीमित रहती है, जबकि परीक्षा से जुड़े मामलों का संचालन चेयरमैन, सचिव और परीक्षा नियंत्रक करते हैं।
इससे पहले पीएससी की परीक्षा शाखा में अतिरिक्त सचिव आर. हरि को भी इस मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया था।
पीएससी ने पी. सतीश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की थी। सेवानिवृत्ति के बाद आयोग ने उनके सेवानिवृत्ति लाभ रोकने का फैसला किया था।
इस बीच जांच अब केवल राज्य योजना बोर्ड भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं रही है। क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम ने मत्स्य विभाग में फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर और खादी बोर्ड में विलेज ऑयल इंस्पेक्टर के पदों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े दो और मामले दर्ज किए हैं।
ताजा घटनाक्रम ने राज्य की सार्वजनिक भर्ती प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्राइम ब्रांच परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है और कथित अनियमितताओं की पूरी सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है।
--आईएएनएस
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