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केरल चुनाव: विपक्ष ने सीएम पर वोट के लालच में अपनी नीतियों को पलटने का आरोप लगाया

तिरुवनंतपुरम, 27 मार्च (आईएएनएस)। केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विजयन पर चुनावी लाभ के लिए बार-बार रुख बदलने और बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों तरह के सांप्रदायिक भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
 
केरल चुनाव: विपक्ष ने सीएम पर वोट के लालच में अपनी नीतियों को पलटने का आरोप लगाया

तिरुवनंतपुरम, 27 मार्च (आईएएनएस)। केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विजयन पर चुनावी लाभ के लिए बार-बार रुख बदलने और बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों तरह के सांप्रदायिक भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

राजधानी के बाहरी इलाके कट्टक्कड़ा में चुनाव प्रचार के बीच मीडिया से बात करते हुए सतीशन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार कभी अल्पसंख्यक तो कभी बहुसंख्यक तुष्टीकरण की नीति अपनाते हैं। संसदीय चुनावों के दौरान यह अल्पसंख्यक तुष्टीकरण था, जब यह उल्टा पड़ा तो यह बहुसंख्यक तुष्टीकरण बन गया।

उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि विजयन ने संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से विरोधाभासी रुख भी अपनाया है।

विपक्षी नेता ने मुख्यमंत्री पर जमात-ए-इस्लामी से कथित संबंधों को लेकर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि पहले के वे बयान जिनमें उन्होंने किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया था, उनके पुराने बयानों और दस्तावेजी सबूतों से खंडित हो गए हैं। सबूतों के विपरीत होने के बावजूद वे लोगों को गुमराह करना जारी रखे हुए हैं।

सबरीमाला का मुद्दा उठाते हुए सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले तो कहा था कि उनकी सरकार चुनावी लाभ के लिए महिलाओं के प्रवेश पर अपना रुख नहीं बदलेगी, लेकिन चुनावी हार के बाद उन्होंने अपना रुख नरम कर लिया।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार सीपीआई-एम कार्यकर्ताओं से जुड़े मामलों में निर्णायक कार्रवाई करने में विफल रही है और दोषियों को संरक्षण दे रही है।

राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बात करते हुए सतीशन ने इसे 'चयनात्मक कार्रवाई' बताया और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा राहुल गांधी से की गई लंबी पूछताछ की तुलना मुख्यमंत्री विजयन के परिवार से जुड़े मामलों के निपटारे से की।

हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि यूडीएफ मलम्पूझा और कोंगड जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर जीत हासिल करेगा।

आलोचनाओं का सामना करने वाली सार्वजनिक चर्चाओं में अपनी भागीदारी का बचाव करते हुए, सतीशन ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक मंचों पर बहस करना एक लंबे समय से चली आ रही लोकतांत्रिक प्रथा है।

--आईएएनएस

एमएस/