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केरल पुलिस बेहतरीन काम करने वाले अधिकारियों और नागरिकों को सम्मानित करेगी

तिरुवनंतपुरम, 19 सितंबर (आईएएनएस)। केरल पुलिस की एक नई पहल के तहत हर महीने उन पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने असाधारण समर्पण, बहादुरी, जांच कौशल या बेहतरीन आचरण दिखाया है। साथ ही, उन आम नागरिकों को भी सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने पुलिस की मदद की है या सार्वजनिक सुरक्षा में योगदान दिया है।
 

तिरुवनंतपुरम, 19 सितंबर (आईएएनएस)। केरल पुलिस की एक नई पहल के तहत हर महीने उन पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने असाधारण समर्पण, बहादुरी, जांच कौशल या बेहतरीन आचरण दिखाया है। साथ ही, उन आम नागरिकों को भी सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने पुलिस की मदद की है या सार्वजनिक सुरक्षा में योगदान दिया है।

यह सम्मान हर महीने के चौथे शनिवार को दिया जाएगा। राज्य के सभी पुलिस जिलों में अब इस दिन को 'प्रशंसा दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।

इस पहल का मकसद अच्छे काम को पहचान देना, पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाना और पुलिसिंग में जनता की भागीदारी और सहयोग को बढ़ावा देना है।

कानून-व्यवस्था के एडीजीपी पी. विजयन ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे जिला या यूनिट मुख्यालयों पर 'प्रशंसा दिवस' कार्यक्रम आयोजित करें।

इन कार्यक्रमों में उन पुलिसकर्मियों की पहचान करके उन्हें सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने पिछले महीने के दौरान बेहतरीन सेवा दी है या असाधारण प्रतिबद्धता दिखाई है।

चुने गए लोगों में ऐसे अधिकारी शामिल हो सकते हैं जिन्होंने बेहतरीन आचरण दिखाया हो, जांच कौशल का प्रदर्शन किया हो, बहादुरी के काम किए हों या अपनी ड्यूटी निभाने में असाधारण समर्पण दिखाया हो।

जनता की सुरक्षा में अहम योगदान देने वाले या पुलिस की बहुमूल्य मदद करने वाले नागरिकों को भी सम्मान के लिए चुना जाएगा।

सम्मान के तौर पर प्रशंसा-पत्र, स्मृति-चिह्न या सम्मान का कोई अन्य उचित तरीका अपनाया जाएगा।

इन कार्यक्रमों में पुलिसकर्मी, साथी और आम जनता के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे पुलिस अधिकारियों और नागरिकों दोनों के ही सराहनीय कार्यों को सबके सामने मान्यता देने का मंच मिलेगा।

जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे इन कार्यक्रमों में जरूर शामिल हों।

जोनल इंस्पेक्टर जनरल और रेंज डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल से भी कहा गया है कि वे जहां भी संभव हो, इसमें भाग लें।

अगर किसी वजह से चौथे शनिवार को कार्यक्रम नहीं हो पाता है, तो उसे उसी महीने में पहले आयोजित किया जाना चाहिए।

निर्देश में यह भी कहा गया है कि हर जिला सम्मानित अधिकारियों और नागरिकों का मासिक रिकॉर्ड रखे, साथ ही उस खास काम या योगदान का विवरण भी रखे जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया था।

कार्यक्रमों की रिपोर्ट और तस्वीरें अगले महीने के पहले दिन से पहले लॉ एंड ऑर्डर एडीजीपी को सौंपी जानी चाहिए।

--आईएएनएस

एमएस/