केरल में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान : आईएमडी
तिरुवनंतपुरम, 12 अगस्त (आईएएनएस)। केरल में हाल ही में आई बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान का अभी भी आकलन किया जा रहा है, इस बाढ़ में 23 लोगों की मौत हुई और तीन मछुआरे लापता हो गए, और अब राज्य एक और भारी बारिश के दौर के लिए तैयार हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
बुधवार शाम को मिली नई चेतावनी ने उस राज्य में चिंता बढ़ा दी है जहां नदियों और जलाशयों के जलस्तर बढ़ने से पहले ही कई इलाकों में बाढ़ आ चुकी है, जिससे हजारों लोग डूबे हुए घरों, क्षतिग्रस्त सड़कों और बर्बाद हुई आजीविका से जूझ रहे हैं।
हाल की बारिश में 9,000 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर लगी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे आर्थिक नुकसान और बढ़ गया है।
आईएमडी ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बना है और आने वाले दिनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के ऊपर भी कम दबाव का एक और क्षेत्र बना हुआ है।
इन सिस्टम के मिले-जुले असर से केरल में और बारिश होने की उम्मीद है। खासकर पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, जबकि गुरुवार और उसके अगले दिन बारिश के और इलाकों में फैलने की उम्मीद है।
आईएमडी ने गुरुवार को कन्नूर और कासरगोड के लिए और शुक्रवार को पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
आईएमडी के अनुसार, भारी बारिश का मतलब है 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी के बीच बारिश।
बारिश के इस नए दौर से प्रशासन को सतर्क रहना पड़ सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां हाल ही में नदियों और बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ा था।
बारिश की वापसी के साथ अधिकारियों से भूस्खलन की आशंका वाले और निचले इलाकों पर भी कड़ी नजर रखने की उम्मीद है।
चिंता की बात यह भी है कि नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च ने 'कल्लाक्कडल' घटना के कारण केरल तट के कुछ हिस्सों में ऊंची लहरों और समुद्र का पानी जमीन पर आने की चेतावनी दी है।
13 अगस्त को सुबह 2.30 बजे तक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर तटों पर 1 से 1.6 मीटर ऊंची लहरें उठने की संभावना है।
मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
छोटी नावों को समुद्र में नहीं ले जाना चाहिए, जबकि तेज लहरों के दौरान जहाजों को किनारे लाना भी खतरनाक बताया गया है।
चेतावनी वापस लिए जाने तक बीच टूरिज्म और समुद्र तट से जुड़ी अन्य गतिविधियों से बचने का भी निर्देश दिया गया है। पिछली आपदा में लापता हुए तीन मछुआरों की तलाश जारी रहने के बीच, भारी बारिश के एक और दौर की आशंका ने उस राज्य की चिंता और बढ़ा दी है जो पहले आई बाढ़ से अभी तक उबर नहीं पाया है।
--आईएएनएस
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