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केरल हाई कोर्ट ने अभिमन्यु हत्याकांड की सुनवाई पूरी करने के लिए चार महीने का दिया समय

कोच्चि, 4 अगस्त (आईएएनएस)। केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट को एसएफआई नेता अभिमन्यु की 2018 की हत्या के मामले में ट्रायल पूरा करने के लिए चार महीने का आखिरी समय दिया और साफ कर दिया कि इसके बाद और समय नहीं दिया जाएगा।
 

कोच्चि, 4 अगस्त (आईएएनएस)। केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट को एसएफआई नेता अभिमन्यु की 2018 की हत्या के मामले में ट्रायल पूरा करने के लिए चार महीने का आखिरी समय दिया और साफ कर दिया कि इसके बाद और समय नहीं दिया जाएगा।

जस्टिस कौसर एडप्पागाथ की बेंच ने समय-सीमा बढ़ा दी। ऐसा तब किया गया जब ट्रायल कोर्ट ने हाई कोर्ट को बताया कि कार्यवाही पहले तय समय में पूरी नहीं हो सकती थी। साथ ही, कोर्ट ने निर्देश दिया कि ट्रायल को बढ़ाई गई अवधि के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।

यह आदेश दो याचिकाओं पर आया। इनमें एक प्रिंसिपल सेशंस जज की याचिका थी, जिसमें ट्रायल पूरा करने के लिए और समय मांगा गया था, और दूसरी अभिमन्यु की मां की याचिका थी, जिसमें लंबे समय से लंबित मामले के जल्द निपटारे की मांग की गई थी।

हाई कोर्ट ने इस साल 24 जनवरी को मामले में हुई लंबी देरी पर ध्यान देते हुए सेशंस कोर्ट को नौ महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया था।

यह निर्देश अभिमन्यु की मां द्वारा 2024 में दायर एक याचिका पर आया था, जिसमें बताया गया था कि चार्जशीट दाखिल होने के कई साल बाद भी ट्रायल की कार्यवाही शुरू नहीं हुई थी।

एर्नाकुलम के महाराजा कॉलेज के 21 वर्षीय छात्र अभिमन्यु की 1 जुलाई, 2018 को कॉलेज कैंपस में हुई झड़प के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस हमले में एसएफआई के चार अन्य कार्यकर्ता भी घायल हुए थे।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी, जो कथित तौर पर अब प्रतिबंधित 'कैंपस फ्रंट' से जुड़े थे, ने कैंपस में पोस्टर लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद छात्रों पर हमला किया था।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा और गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने जैसे अपराधों के तहत मामला दर्ज किया था।

एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने सितंबर 2018 में चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद मामला प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट को सौंप दिया गया।

ट्रायल सात साल से अधिक समय से लंबित है, जिसके कारण हाई कोर्ट को बार-बार दखल देना पड़ा है।

मंगलवार के आदेश के साथ हाई कोर्ट ने संकेत दिया है कि लंबी देरी अब और नहीं चल सकती। कोर्ट ने केरल के सबसे हाई-प्रोफाइल कैंपस मर्डर ट्रायल में से एक को पूरा करने के लिए एक तरह से आखिरी समय-सीमा तय कर दी है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी