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केरल: सीपीआई में आंतरिक विद्रोह, मौजूदा विधायक ने लगाया वित्तीय कारणों से हटाए जाने का आरोप

त्रिशूर (केरल), 9 मार्च (आईएएनएस)। केरल के त्रिशूर जिले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के अंदर पनप रहा आंतरिक संघर्ष खुलकर सामने आ गया है। एक मौजूदा विधायक ने सीट बेचने का आरोप लगा दिया है। आरोप है कि पार्टी नेतृत्व वित्तीय कारणों से उन्हें किसी अन्य उम्मीदवार से बदलने की कोशिश कर रहा है।
 
केरल: सीपीआई में आंतरिक विद्रोह, मौजूदा विधायक ने लगाया वित्तीय कारणों से हटाए जाने का आरोप

त्रिशूर (केरल), 9 मार्च (आईएएनएस)। केरल के त्रिशूर जिले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के अंदर पनप रहा आंतरिक संघर्ष खुलकर सामने आ गया है। एक मौजूदा विधायक ने सीट बेचने का आरोप लगा दिया है। आरोप है कि पार्टी नेतृत्व वित्तीय कारणों से उन्हें किसी अन्य उम्मीदवार से बदलने की कोशिश कर रहा है।

सीपीआई विधायक सी.सी. मुकुंदन ने आगामी चुनाव में पूर्व विधायक गीता गोपी को मैदान में उतारने के पार्टी के कथित कदम के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बगावत की। जिसके बाद यह विवाद नट्टिका विधानसभा क्षेत्र में सामने आया है। सीपीआई मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) का दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है।

मुकुंदन ने कहा कि मैं पार्टी के लिए चंदा इकट्ठा नहीं कर सकता। उन्हें सीट देने का फैसला वित्तीय प्रभाव के कारण लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी उन्हें टिकट नहीं भी देती है, तो भी वह चुनाव लड़ेंगे। विधायक ने यह भी दावा किया कि उन्हें टिकट रद्द करने के किसी भी फैसले के बारे में औपचारिक रूप से सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने आगे तर्क दिया कि पार्टी के अधिकांश विधायकों को दो कार्यकाल दिए जाते हैं, जबकि उन्हें दूसरा मौका नहीं दिया जा रहा है।

मुकुंदन ने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्टी इकाई के भीतर गुटबाजी की राजनीति के कारण चेरपु निर्वाचन क्षेत्र समिति ने उनके नाम की सिफारिश नहीं की। इन आरोपों ने त्रिशूर में सीपीआई के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि नेतृत्व और मुकुंदन के बीच कुछ समय से मतभेद चल रहे थे और उन्हें पहले सीपीआई जिला परिषद से हटा दिया गया था।

इसके अलावा, उनके पूर्व निजी कर्मचारियों से जुड़े विवादों ने कथित तौर पर जिला नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव पैदा कर दिया था। इस बीच, पूर्व विधायक गीता गोपी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह केवल पार्टी द्वारा सौंपे गए दायित्वों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व आरोपों का जवाब देगा। नट्टिका के लोग जिन्होंने मुझे दो बार समर्थन दिया है, वे मुझे फिर से स्वीकार करेंगे। वे मुझे अच्छी तरह जानते हैं।

इस विवाद ने एलडीएफ के भीतर चिंताएं बढ़ा दी हैं कि मुकुंदन द्वारा संभावित विद्रोह निर्वाचन क्षेत्र में गठबंधन की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। सूत्रों ने संकेत दिया कि अगर मुकुंदन को सीपीआई का टिकट नहीं दिया जाता है तो वह स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने उनसे संपर्क साधा है, ताकि वे इस मतभेद का फायदा उठा सकें।

माना जा रहा है कि वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने मुकुंदन से संपर्क किया है, जबकि कुछ जिला स्तरीय नेताओं ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पार्टी में उनके शामिल होने को कहा। अपनी अपेक्षाकृत साफ-सुथरी सार्वजनिक छवि के लिए जाने जाने वाले और मतदाताओं के कुछ वर्गों के बीच लोकप्रिय मुकुंदन ने कहा है कि वे जल्द ही अपना फैसला सुनाएंगे।

--आईएएनएस

एसडी/एएस