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ओडिशा: क्योंझर में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स, बीजेडी सांसद ने बैंकिंग में सुधार की मांग की

भुवनेश्वर, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के केओंझर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी बहन की कब्र खोदकर उसके कंकाल के साथ बैंक पहुंचकर उसके खाते से पैसे निकालने की कोशिश की। इस घटना के बाद बीजेडी सांसद और संसदीय दल के नेता मानस रंजन मंगराज ने मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।
 
ओडिशा: क्योंझर में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स, बीजेडी सांसद ने बैंकिंग में सुधार की मांग की

भुवनेश्वर, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के केओंझर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी बहन की कब्र खोदकर उसके कंकाल के साथ बैंक पहुंचकर उसके खाते से पैसे निकालने की कोशिश की। इस घटना के बाद बीजेडी सांसद और संसदीय दल के नेता मानस रंजन मंगराज ने मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।

पत्र में मंगराज ने कहा कि यह घटना बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि एक गरीब आदिवासी व्यक्ति जीतू मुंडा को अपनी मृत बहन के खाते में पड़े 19,300 रुपए निकालने के लिए बैंक द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा गया, जो उसके पास नहीं था। इसके बाद वह अपनी बहन के कंकाल को ही बैंक ले गया ताकि उसकी मृत्यु साबित कर सके।

उन्होंने लिखा, ''यह हृदयविदारक घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह गरीब और वंचित लोगों के प्रति बैंकिंग व्यवस्था की संवेदनहीनता को भी दर्शाती है।''

मंगराज ने कहा कि केंद्र सरकार ने जन धन योजना, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और डिजिटल बैंकिंग जैसी कई बैंकिंग सुधार योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन इस घटना से यह साफ होता है कि नीतियों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर है।

उन्होंने कहा कि एक अशिक्षित आदिवासी ग्रामीण, जिसके पास कानूनी जानकारी और संसाधनों की कमी है, उसके लिए जटिल दस्तावेजों की मांग एक बड़ी बाधा बन जाती है।

उन्होंने लिखा कि मदद के बजाय उसे असहायता और अपमान का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वह इस हद तक मजबूर हुआ कि उसने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।

बीजेडी नेता ने इसे केवल बैंकिंग नहीं बल्कि एक मानवीय मुद्दा बताया और कहा कि ग्रामीण बैंकिंग प्रणाली में तत्काल सुधार की आवश्यकता है, खासकर आदिवासियों, विधवाओं, बुजुर्गों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए।

उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से अपील की कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए और छोटे जमा धन के लिए सरल प्रक्रिया, संवेदनशील फील्ड वेरिफिकेशन और बैंक अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे सुधार लागू किए जाएं।

उन्होंने कहा, ''कोई भी नागरिक अपने ही परिवार की मेहनत की कमाई तक पहुंचने के लिए इस तरह की पीड़ा और मजबूरी का सामना न करे।''

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी