ओडिशा: क्योंझर में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचने की घटना पर सीएम ने जताया दुख, दिए जांच के आदेश
भुवनेश्वर, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को क्योंझर जिले से सामने आई चौंकाने वाली घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। इसमें एक आदिवासी व्यक्ति ने बैंक अधिकारियों द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र मांगने पर अपनी बहन के कंकाल को कब्र से निकालकर बैंक तक ले गया।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि यह समाज और व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री माझी ने अधिकारियों को लोगों के प्रति अधिक संवेदनशील होने की अपील करते हुए इस घटना की जांच उत्तरी राजस्व मंडल आयुक्त से कराने का आदेश दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह घटना क्यों हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उत्तरी आरडीसी बुधवार से इस मामले की जांच शुरू करने वाले हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत की जाए।
सीएम के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और आदिवासी व्यक्ति जीतू मुंडा को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
इस चौंकाने वाली घटना के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को विस्तृत जांच के आदेश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
27 अप्रैल को जीतू मुंडा ओडिशा ग्रामीण बैंक की शाखा में अपनी बहन कलारा मुंडा के कंकाल के साथ पहुंचे थे। उन्होंने यह कदम तब उठाया जब बैंक अधिकारियों ने मृतक बहन के खाते से पैसे निकालने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र मांगा था।
यह घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर देशभर के लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया, और विपक्षी दलों ने बैंक और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था में सुधार की मांग की।
जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री की 'लोक सेवा' नीति के तहत जिला रेड क्रॉस फंड से जीतू मुंडा को बिना देरी के 30,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी गई।
प्रशासन ने बताया कि परिवार की मजबूरी को देखते हुए जीतू मुंडा के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में भी मदद की गई। इसे 'फास्ट ट्रैक' प्रक्रिया में पूरा करते हुए मेडिकल अधिकारी ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
इसके साथ ही प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि कलारा मुंडा के बैंक खाते में जमा 19,300 रुपए की राशि जीतू मुंडा को बिना किसी बाधा के मिल जाए।
तहसीलदार ने व्यक्तिगत रूप से बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय कर, ब्याज सहित कुल 19,402 रुपए मंगलवार को उन्हें सौंप दिए।
जिला प्रशासन ने कहा कि यह घटना बैंकिंग जागरूकता की कमी के कारण हुई, लेकिन भविष्य में किसी निर्दोष व्यक्ति को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को सरकारी और बैंकिंग सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए अधिक संवेदनशीलता दिखाई जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही की जांच भी की जा रही है।
--आईएएनएस
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