कश्मीर: रेप और धोखाधड़ी के मामले में प्रोफेसर गिरफ्तार, किया गया निलंबित
श्रीनगर, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को बताया कि कश्मीर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को कथित तौर पर दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने प्रोफेसर पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शोषण करने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने वर्ष 2018 में शादी का वादा कर महिला के साथ संबंध बनाया। पीड़िता का कहना है कि इसी भरोसे पर आरोपी ने वर्षों तक उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
एफआईआर में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने महिला को कई बार आर्थिक मदद देने के लिए भी बहकाया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसने उसे बडगाम में अपनी जमीन बेचने और उसकी रकम आरोपी को देने के लिए राजी किया।
इसके अलावा, आरोपी ने उसे अपने सोने के गहने बेचने, बैंक से गोल्ड लोन लेने और चिकित्सा आपात स्थिति व निर्माण कार्य जैसे बहानों से कई बार नकद पैसे देने के लिए भी मजबूर किया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान वह कई बार गर्भवती हुई और आरोपी ने उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया।
कई वर्षों तक कथित शोषण के बाद आरोपी ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी और अंततः शादी से इनकार कर दिया, जिससे उसके कथित धोखाधड़ी के इरादे उजागर हो गए।
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने महिला की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दीं, साथ ही उसके और उसके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, ताकि सभी आरोपों की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
इस बीच, कश्मीर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर बताया कि कंप्यूटर साइंस विभाग के साइंटिस्ट-सी साजिद मोहम्मद खान को गिरफ्तार किया गया है।
अधिसूचना में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा नियम, 1956 के नियम 31 के तहत और हिरासत में होने के कारण साजिद मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
शादी का झांसा देकर महिलाओं के शोषण के मामले पहले भी जम्मू-कश्मीर में सामने आते रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय समाज में चिंता बढ़ गई है।
--आईएएनएस
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