कर्नाटक 'मेकेदातु परियोजना' पर आगे बढ़ेगा, तमिलनाडु के विरोध के बीच सीएम डीके शिवकुमार का बड़ा बयान
बेंगलुरु, 4 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को साफ कर दिया कि राज्य सरकार मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में काम जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के तहत इस परियोजना को आगे बढ़ाएगा।
विधान सौधा में वरिष्ठ नौकरशाहों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने मेकेदातु परियोजना को लेकर राज्य सरकार का रुख स्पष्ट किया।
तमिलनाडु की राजनीति और इस परियोजना पर उसके विरोध से जुड़े सवाल के जवाब में सीएम शिवकुमार ने कहा कि तमिलनाडु पिछले 30 से 40 वर्षों से इस परियोजना का विरोध करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई नया विवाद नहीं है और इस विषय पर पहले भी कई स्तरों पर विचार किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक सरकार परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्र सरकार को सौंप चुकी है और फिलहाल वह समीक्षा के लिए केंद्र के पास लंबित है। उन्होंने कहा कि मामला केंद्र सरकार के विचाराधीन है, जबकि तमिलनाडु इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट समेत विभिन्न कानूनी मंचों का सहारा लेता रहा है।
सीएम शिवकुमार ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले पर ध्यान दे चुका है। हम अदालत और उसकी राय का सम्मान करते हैं। हम अपना काम करेंगे और अंतिम फैसला जनता पर छोड़ते हैं।"
मेकेदातु परियोजना कावेरी नदी पर कर्नाटक के रामनगर जिले में प्रस्तावित एक बहुउद्देश्यीय बांध और पेयजल परियोजना है। इसका मुख्य उद्देश्य बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों की बढ़ती पेयजल जरूरतों को पूरा करना है। हालांकि, कावेरी जल बंटवारे को लेकर चिंताओं के कारण तमिलनाडु लंबे समय से इसका विरोध करता रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए घोषित योजनाओं को चुनावी राजनीति से जोड़ने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद केवल युवाओं के जीवन स्तर में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि महंगाई के दौर में लोगों को राहत देने के लिए गारंटी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
सीएम शिवकुमार ने यह भी घोषणा की कि शिक्षा और आवागमन को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार सभी छात्रों को, उम्र और लिंग की परवाह किए बिना, मुफ्त बस पास उपलब्ध कराएगी। हर नागरिक को सुरक्षित और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
--आईएएनएस
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