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कर्नाटक: नाइस रोड टोल विवाद बढ़ने पर कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार से ईर्ष्या न होने की बात कही

बेंगलुरु, 23 अगस्त (आईएएनएस)। नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज रोड (नाइस रोड) पर टोल वसूली को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच राजनीतिक खींचतान रविवार को भी जारी रही। कुमारस्वामी ने जोर देकर कहा कि उन्हें शिवकुमार से ईर्ष्या नहीं है और सवाल उठाया कि उन्हें क्यों होनी चाहिए। उन्होंने टोल मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना भी तेज कर दी।
 

बेंगलुरु, 23 अगस्त (आईएएनएस)। नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज रोड (नाइस रोड) पर टोल वसूली को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच राजनीतिक खींचतान रविवार को भी जारी रही। कुमारस्वामी ने जोर देकर कहा कि उन्हें शिवकुमार से ईर्ष्या नहीं है और सवाल उठाया कि उन्हें क्यों होनी चाहिए। उन्होंने टोल मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना भी तेज कर दी।

रामनगर के अक्कूर में पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि वे दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें शिवकुमार से ईर्ष्या करने का कोई कारण नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मुझे ईर्ष्या क्यों होनी चाहिए? राज्य ने कितने मुख्यमंत्री देखे हैं? मैं भी दो बार मुख्यमंत्री रह चुका हूं। क्या यह कोई बड़ी बात है? यह तो स्थायी है। मुझे ईर्ष्या क्यों होनी चाहिए? मुझे क्या मिलेगा?

उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद से ही उन्होंने राज्य में कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाई है और ऐसा करना उन्होंने अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा से सीखा है। अगर इस राज्य में गैरकानूनी काम होते हैं और मैं आवाज उठाता हूं, अगर आपको बुरा लगता है, तो मैं क्या करूं?

कुमारस्वामी ने कहा कि जाहिर तौर पर मुख्यमंत्री शिवकुमार, उनके छोटे भाई डीके सुरेश और उनके समर्थकों द्वारा उन पर की गई आलोचना का जिक्र करते हुए।

कुमारस्वामी ने नाइस रोड पर टोल वसूली जारी रहने पर भी सवाल उठाया और दावा किया कि परियोजना ने तय टोल ढांचे का उल्लंघन किया है और जिन किसानों की जमीनें अधिग्रहित की गई थीं, उन्हें दो दशक बीत जाने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि नाइस रोड राष्ट्रीय राजमार्ग ढांचे के अंतर्गत नहीं आता है और दावा किया कि इस सड़क पर टोल वसूली शुरू से ही गैरकानूनी रही है।

कुमारस्वामी ने याद दिलाया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीबी जयचंद्र की अध्यक्षता वाली एक सदन समिति ने 2016 में नाइस परियोजना की जांच की थी और कर्नाटक सरकार से समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने को कहा था।

उन्होंने कहा कि अगर उनके (कर्नाटक सरकार) पास थोड़ा भी समय है, तो वे रिपोर्ट पढ़ लें।

मंत्री एचसी बालकृष्ण का नाम लिए बिना, कुमारस्वामी ने इस बयान की आलोचना की कि उन्हें केंद्र सरकार से संपर्क करके नाइस रोड पर टोल वसूली समाप्त करने के लिए आवेदन देना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे बयान देने वालों ने सड़क की स्थिति और टोल वसूली से जुड़े मुद्दे को ठीक से समझा है?

इससे पहले, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई और पूर्व कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए राजनीतिक विरोधियों पर लोगों को भड़काने और राज्य सरकार के साथ टकराव पैदा करने का आरोप लगाया।

सुरेश ने सवाल उठाया कि सारा ध्यान केवल नाइस टोल पर ही क्यों है, और कुमारस्वामी को चुनौती दी कि अगर वे सचमुच टोल वसूली के खिलाफ हैं, तो लोगों से सभी टोल प्लाजा पर टोल देना बंद करने का आह्वान करें।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी जनता के हित में काम करने का दावा करते हुए लोगों को राज्य सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एमएस/