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कर्नाटक : कावेरी नदी का पानी छोड़ने के निर्देश के खिलाफ कोर्ट में अपील करेगी सरकार : शिवकुमार

चित्रदुर्ग, 24 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कहा कि तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़ने के निर्देश के खिलाफ राज्य सरकार अदालत में अपील करेगी। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी।
 

चित्रदुर्ग, 24 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कहा कि तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़ने के निर्देश के खिलाफ राज्य सरकार अदालत में अपील करेगी। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी।

चित्रदुर्ग के सिरीगेरे मठ के हेलीपैड के पास पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि अगर पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा तो कर्नाटक पानी छोड़ेगा। हालांकि, उन्होंने बताया कि राज्य के जलाशयों में पानी की आवक बंद हो गई है और बारिश भी कम हो गई है।

उन्होंने कहा, "अगर पानी होगा तो हम पानी छोड़ेंगे। हालांकि हमारे जलाशयों में पानी की आवक भी बंद हो गई है और बारिश भी रुक गई है। इस मामले में हम पर काफी दबाव है। मैं पानी की स्थिति का आकलन करूंगा और सिंचाई मंत्री के साथ इस पर चर्चा करूंगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई के बारे में आपको जानकारी दूंगा।"

राज्य में सूखे की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की मदद के लिए जरूरी कदमों और केंद्र से मिलने वाली सहायता को लेकर एक योजना तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा, "राज्य में सूखे जैसी स्थिति बन गई है। इसलिए हमें यह योजना तैयार करनी होगी कि किसानों की किस तरह मदद की जाए और केंद्र सरकार से किस तरह की सहायता की जरूरत है। इन मुद्दों पर विधानसभा में भी चर्चा हुई है। सरकार इस पर चर्चा करके जरूरी कदम उठाएगी।"

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कर्नाटक की चिंताओं को केंद्र सरकार के सामने रखने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ले जाने के प्रस्ताव पर सरकार का सहयोग करने के लिए विपक्षी नेताओं को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने मलनाड और तटीय क्षेत्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और पश्चिमी घाटों के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार के फैसले पर सहमति जताई है।

उन्होंने कहा, "सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। हमने अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाई है। राज्य के लोगों ने हम पर भरोसा जताया है। हम उस भरोसे को बनाए रखते हुए जनता के हितों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं।"

कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं की समीक्षा की कुछ भाजपा नेताओं की मांग पर मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि भाजपा विधायक सुरेश गौड़ा सहित विपक्ष के कुछ विधायकों ने सुझाव दिया है कि इन योजनाओं में बदलाव किया जाए और इनका लाभ केवल गरीब वर्गों तक सीमित रखा जाए।

उन्होंने कहा, "अलग-अलग नेताओं की इस बारे में अलग-अलग राय है। प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के कई केंद्रीय मंत्रियों तथा नेताओं ने पहले कहा था कि गारंटी योजनाओं को लागू नहीं किया जा सकता लेकिन राज्य सरकार गरीबों को सहायता देना जारी रखेगी।"

कर्नाटक लोक सेवा आयोग को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि कई वरिष्ठ नेताओं ने सरकार को अपनी राय से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि उग्रप्पा, बीएल शंकर, सुदर्शन और रानी सतीश सहित करीब 20 से 30 नेताओं ने इस मामले में सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के बयान पर भी उन्होंने ध्यान दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "केपीएससी की भर्ती और परीक्षाओं से जुड़े कानूनी ढांचे की समीक्षा की जाएगी। यह जरूरी है कि परीक्षा कराने वाले अधिकारियों और सदस्यों पर किसी तरह का दबाव न हो और छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए। दबाव के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होकर अच्छे अंक हासिल करने वालों को न्याय मिलना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि परीक्षाएं और इंटरव्यू पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होने चाहिए और इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की है।

उन्होंने कहा, "पिछले समय में हुई कई घटनाओं को देखते हुए कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर सुझाव दिए हैं। कानूनी दायरे में सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और उसके अनुसार फैसला लिया जाएगा।"

चित्रदुर्ग क्षेत्र के अपने दौरे को लेकर मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि चुनाव आयोग ने विधान परिषद चुनावों का कार्यक्रम तय कर दिया है। इसके कारण सरकारी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हिरियूर और चित्रदुर्ग के किसानों ने क्षेत्र में अपर भद्रा परियोजना के तहत किए गए कार्यों और परियोजना के जरिए पानी छोड़े जाने को लेकर एक सम्मान समारोह आयोजित किया था।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम