कर्नाटक: गदग रेप और गैर कानूनी गर्भपात मामले में पुलिस की कार्रवाई, डॉक्टर समेत सात लोग गिरफ्तार
बेंगलुरु, 15 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस ने शनिवार को गदग जिले में मानसिक रूप से कमजोर महिला के कथित रेप और उसके बाद उसकी प्रेग्नेंसी को गैर-कानूनी तरीके से खत्म करने के मामले में एक डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सिकंदर बेपारी, शब्बीर अहमद लंगोटी उर्फ जूना साहब, प्रदीप नवालेकर, भरत कोरावारा, संदीप, नागराज कामतरा और रेखा शिराहट्टी के तौर पर हुई है।
पुलिस के मुताबिक, सिकंदर, शब्बीर अहमद, प्रदीप और भरत ने महिला को एक सुनसान जगह पर बुलाया और लंबे समय तक उसका कई बार यौन शोषण किया।
यह घटना तब सामने आई जब महिला गर्भवती हो गई और उसके परिवार को कथित यौन शोषण के बारे में पता चला। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पीड़िता के परिवार को धमकाया और पैसे देकर मामला सुलझाने की कोशिश की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने लक्ष्मेश्वर तालुक के बेलाट्टी गांव के डॉक्टर नागराज कामतरा और शिगली सरकारी अस्पताल की स्टाफ नर्स रेखा शिराहट्टी की मदद से पीड़िता का गर्भपात करवाया।
पुलिस ने बताया कि संदीप भी इस प्रक्रिया में शामिल था। गर्भपात के लिए पीड़िता को 10 गोलियां खिलाई गईं, जिसके बाद गर्भ खत्म हो गया।
पीड़िता के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ स्थानीय समुदाय के नेताओं और एक एसडीपीआई नेता ने गैर-कानूनी गर्भपात कराने और आरोपियों को बचाने की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि जांच के तहत इन आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
इस बीच पुलिस उस मेडिकल शॉप के मालिक की तलाश कर रही है, जिसने कथित तौर पर बिना प्रिस्क्रिप्शन के गर्भपात की गोलियां बेची थीं।
गदग के पुलिस अधीक्षक रोहन जगदीश ने कहा कि इस मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका कितना भी रसूख या पद क्यों न हो। इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग पीड़िता के परिवार और आरोपियों के बीच समझौता कराने या मामले को दबाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पुलिस की ओर से मामले की जांच चल रही है और पुलिस द्वारा मामले में अन्य लोगों की कथित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
--आईएएनएस
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