कर्नाटक के मंत्री जमीर ने जेडी-एस में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया
बेंगलुरु, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के आवास और वक्फ मंत्री बी. जमीर अहमद खान ने मंगलवार को कांग्रेस छोड़कर जनता दल-सेकुलर (जेडी-एस) में फिर से शामिल होने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के साथ गुप्त बातचीत की खबरों को भी बेबुनियाद बताया।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी सहयोगी जमीर अहमद खान दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव से जुड़ी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के बीच अपना मंत्रालय खोने की आशंका का सामना कर रहे हैं।
कांग्रेस इस मामले में दो एमएलसी के खिलाफ पार्टी पदों से हटाकर कार्रवाई कर चुकी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मंत्री जमीर अहमद खान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
इस पृष्ठभूमि में, ऐसी अफवाहें फैल रही हैं कि कर्नाटक के मंत्री जेडी-एस में वापस लौट सकते हैं और उन्होंने कुमारस्वामी से बातचीत की है।
बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए मंत्री जमीर अहमद खान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि यह सब सिर्फ अफवाहें हैं। मैं जेडी-एस में वापस क्यों जाऊं, जिस पार्टी को मैंने छोड़ा था? कांग्रेस पार्टी ने मुझे किस तरह नुकसान पहुंचाया है?
उन्होंने 2017 में कांग्रेस में शामिल होने की बात याद करते हुए कहा कि उन्होंने कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 2018 की गठबंधन सरकार में भी मंत्री पद की उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने आगे कहा कि मुझे कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन पार्टी (कांग्रेस) ने मुझे पहचाना और मंत्री बनाकर मुझे पांच विभागों की जिम्मेदारी सौंपी।
जेडी-एस में अपने कार्यकाल की तुलना करते हुए मंत्री जमीर अहमद खान ने कहा कि इससे पहले वे केवल वक्फ और हज विभाग संभालते थे।
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, कांग्रेस ने मुझे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, अल्पसंख्यक कल्याण और हज सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दीं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में वे कर्नाटक सरकार में चार प्रमुख विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं।
कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर सवाल उठाते हुए कर्नाटक के मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुझे किस तरह से उपेक्षित महसूस कराया है? मुझे दो बार मंत्री बनाया गया है—मैं और क्या मांग सकता हूं?
कुमारस्वामी से किसी भी तरह के संपर्क से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उनसे गुप्त बातचीत क्यों करूं? ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है।
उन्होंने अफवाहें फैलाने वालों की आलोचना की और उनसे अपने दावों का प्रमाण देने को कहा।
मंत्री जमीर अहमद खान ने कहा कि ऐसे बयान देने वालों को कम से कम अपने स्रोत तो बताने चाहिए।
--आईएएनएस
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