सतीश जारकीहोली की कांगो गोल्ड माइनिंग कंपनी में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी, रिश्वत के पैसे से खरीदी विदेशी संपत्ति : ईडी
बेंगलुरु, 11 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली की कांगो में एक सोने की खदान कंपनी में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी रिश्वत की रकम का इस्तेमाल विदेशी संपत्ति खरीदने में किया गया था।
ईडी ने मंत्री और उनके सहयोगियों से जुड़ी जगहों पर तलाशी के दौरान 3.3 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी जब्त की।
इस मामले में जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, "प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़ी 21 जगहों पर तलाशी ली है। यह कार्रवाई कथित तौर पर बिना घोषित विदेशी निवेश, सीमा-पार व्यापारिक संबंधों और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है।"
ईडी ने यह भी दावा किया कि सतीश जारकीहोली ने कांगो स्थित 'मैग्नीट्यूड स्टार एसएआरएल' नाम की कंपनी में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी, जो सोने की माइनिंग (खनन) का काम करती है।
केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान अफ्रीका में माइनिंग एसेट्स (खनन संपत्तियों) की मालिक कई अन्य विदेशी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले और जब्त किए गए।
ईडी ने बताया कि ये तलाशी 9 और 10 सितंबर को बेंगलुरु, बेलगावी, गोकक और कोलकाता में चार जगहों पर 'फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट' (एफईएमए) के प्रावधानों के तहत की गई।
केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उनमें चिक्कोडी के सांसद और जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली, उनके बेटे राहुल जारकीहोली और उनके बहनोई वाई.डी. मंजूनाथ से जुड़ी जगहें शामिल थीं।
मंत्री के कई करीबी सहयोगियों की संपत्तियों की भी तलाशी ली गई, जिनमें उनके ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) और पर्सनल असिस्टेंट मालागौडा पाटिल, राजू दरगशेट्टी, विट्ठल परसनवर और गिरीश सोनवलकर शामिल हैं।
ईडी ने प्राइवेट कंपनी 'भारत वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड' (बीवीईपीएल) के अधिकारियों और मालिकों के ऑफिस और घरों की भी तलाशी ली।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने पीडब्ल्यूडी विभाग से टेंडर हासिल करने के लिए भारी रिश्वत दी थी और कथित तौर पर उस पैसे का इस्तेमाल विदेशी संपत्तियां खरीदने में किया गया था।
तलाशी में जारकीहोली परिवार के विदेशी व्यापारिक हितों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
ईडी ने कहा कि उसे पता चला है कि परिवार के सदस्यों, जिनमें प्रियंका जारकीहोली, राहुल जारकीहोली और वाई.डी. मंजूनाथ की पत्नी महादेवी मंजूनाथ शामिल हैं, ने कई विदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी हासिल की थी।
केंद्रीय एजेंसी ने कहा, "इन कंपनियों में कांगो में 'एल्डोराडो माइनिंग रिसोर्सेज' और जाम्बिया में 'नावा ऑरम माइनिंग लिमिटेड' जैसी कंपनियां शामिल हैं।" छापेमारी में मंत्री के गोकक और बेंगलुरु की डॉलर्स कॉलोनी स्थित आवासों के साथ-साथ शहर में क्रिसेंट रोड पर स्थित उनके ऑफिस-कम-आवास को भी शामिल किया गया।
गोकक और बेलगावी में मौजूद संपत्तियों की भी तलाशी ली गई।
ऑपरेशन के दौरान, ईडी ने बताया कि उसने 3.3 करोड़ रुपए की बेहिसाब भारतीय नकदी जब्त की।
ईडी ने आगे बताया कि लगभग 15 लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्राएं, जिनमें अमेरिकी डॉलर और यूरो शामिल हैं, भी मिलीं और जब्त की गईं।
केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि तलाशी के दौरान मिले सबूतों से संकेत मिलता है कि कांगो में एक कंपनी में अनधिकृत चैनलों के माध्यम से कथित तौर पर नकद में भारी निवेश और खर्च किए गए थे, जिससे एफईएमए के तहत उल्लंघन का संदेह पैदा होता है।
छापेमारी में पीडब्ल्यूडी विभाग में अनियमितताओं से जुड़े सबूत भी कथित तौर पर सामने आए।
ईडी ने कहा कि उसने कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए, जिनमें ठेकेदारों (जिनमें बीवीईपीएल भी शामिल है) से कथित तौर पर रिश्वत की रकम वसूलने से जुड़ी जानकारी थी।
केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, ऐसे सबूत कई प्रभावशाली लोगों की कंपनियों और खातों में मिले, जिनमें वाई.डी. मंजूनाथ (जो सतीश जारकीहोली के बहनोई हैं) द्वारा कथित तौर पर नियंत्रित और प्रबंधित एक कंपनी के खाते भी शामिल हैं।
ईडी ने कहा कि छापेमारी का मकसद घरेलू कंपनियों और विदेशी संपत्तियों के बीच फंड के कथित प्रवाह की जांच करना और विदेशी मुद्रा नियमों के संभावित उल्लंघनों की पड़ताल करना था।
केंद्रीय एजेंसी ने आगे कहा कि कथित विदेशी निवेश, पीडब्ल्यूडी से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं, रिश्वत के कथित भुगतान और विदेशी मुद्रा उल्लंघनों की आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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