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कर्नाटक : पहाड़ी मंदिर पर तेंदुए के हमले से तीर्थयात्री की मौत

चामराजनगर, 21 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के तालुबेटा वन क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक युवक की मौत के बाद माले महादेश्वर पहाड़ी की वार्षिक तीर्थयात्रा दुखद रूप से समाप्त हो गई।
 
कर्नाटक : पहाड़ी मंदिर पर तेंदुए के हमले से तीर्थयात्री की मौत

चामराजनगर, 21 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के तालुबेटा वन क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक युवक की मौत के बाद माले महादेश्वर पहाड़ी की वार्षिक तीर्थयात्रा दुखद रूप से समाप्त हो गई।

यह घटना बुधवार को सामने आई, जिसने प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालु इसी जंगली मार्ग से पदयात्रा करते हैं।

मृतक की पहचान 30 वर्षीय प्रवीण के रूप में हुई है, जो अपने चार दोस्तों के साथ माले महादेश्वर पहाड़ी की तीर्थयात्रा पर निकला था। सभी ने मांड्या जिले के चीरानहल्ली गांव से पैदल यात्रा शुरू की थी। देर रात जब समूह पहाड़ी के पास सड़क किनारे से गुजर रहा था, तभी अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीर्थयात्रियों ने सड़क किनारे बनी दीवार पर तेंदुए को बैठे देखा, जिससे घबराहट फैल गई और सभी अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। इसी दौरान प्रवीण लापता हो गया।

कुछ देर बाद उसके साथियों ने उस स्थान के पास खून के धब्बे देखे, जहां उसे आखिरी बार देखा गया था। आसपास काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद इस घटना की सूचना अधिकारियों को दी गई।

बुधवार सुबह वन विभाग और पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद प्रवीण का शव जंगल के भीतर एक गहरी खाई में मिला।

अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए ने प्रवीण की गर्दन, छाती और सिर पर गंभीर चोटें पहुंचाईं और उसके शव को लगभग एक किलोमीटर तक घसीटते हुए जंगल के अंदर ले गया। जब शव बरामद किया गया, उस समय भी तेंदुआ मौके पर मौजूद था और शव के अवशेषों को खा रहा था।

वन विभाग और पुलिस के पास तत्काल पटाखे या हथियार नहीं होने के कारण जानवर को भगाने में काफी कठिनाई हुई। घने जंगल से शव को बाहर निकालने का अभियान भी बेहद धीमा और चुनौतीपूर्ण रहा।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि प्रवीण भागने की कोशिश में गिर गया था, जिसके बाद तेंदुए ने उस पर हमला किया। इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

उल्लेखनीय है कि माले महादेश्वर पहाड़ी की तीर्थयात्रा हर साल लंबे जंगली इलाकों से होकर गुजरती है, जहां वन्यजीवों की मौजूदगी बनी रहती है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में पहले से ही तेंदुए की गतिविधि देखी जा रही थी। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम