कर्नाटक: पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन पर प्रियांक खड़गे के बयान पर भाजपा उग्र
बेंगलुरु, 3 अगस्त (आईएएनएस)। सोमवार को पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान से राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। भाजपा ने उन पर बेरोजगार युवाओं के प्रति अहंकार और असंवेदनशीलता दिखाने का आरोप लगाया और उनसे माफी की मांग की।
सोमवार को सोशल मीडिया पर खड़गे का बयान वाला वीडियो वायरल हो गया, जिससे उनकी आलोचना होने लगी।
परीक्षा के आयोजन को लेकर पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए खड़गे ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी न केवल प्रदर्शनकारियों के प्रति है, बल्कि परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के प्रति भी है।
उन्होंने कहा कि आप हमसे क्या उम्मीद करते हैं? हमारी जिम्मेदारी उनके प्रति भी है और उन लोगों के प्रति भी जो परीक्षा दे रहे हैं, है ना? जाहिर है, हमें कुछ लोगों को हिरासत में लेना पड़ा।
उम्मीदवारों द्वारा उनके इस्तीफे की मांग पर विवाद पैदा करने वाले बयान में गृह मंत्री ने कहा कि मैं इस्तीफा दे दूंगा। उन्हें 25 दिनों तक भूख हड़ताल करने दें। फिर, अगर वे काबू में नहीं आए, तो हम उन पर लाठीचार्ज करेंगे, और फिर हम इस्तीफा दे देंगे।
इस बयान की भाजपा ने कड़ी आलोचना की। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि मंत्री की टिप्पणियां अहंकार और नौकरी के उम्मीदवारों की चिंताओं के प्रति बेरुखी को दर्शाती हैं।
एक बयान में, अशोक ने कहा कि खड़गे की टिप्पणी से साफ पता चलता है कि उन्हें बेरोजगार युवाओं की कोई परवाह नहीं है।
गृह मंत्री से बात करते हुए अशोक ने कहा कि पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों ने यह मौका अपनी कड़ी मेहनत, लगन और उम्मीदों से हासिल किया है, न कि परिवार के असर से।
उन्होंने कहा कि जिन्हें सत्ता विरासत में मिली है, वे शायद उनका दर्द न समझें।
अशोक ने मांग की कि खड़गे राज्य के लाखों नौकरी के उम्मीदवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगें और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दें।
--आईएएनएस
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