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‘आरएसएस के लोग अच्छे हैं, उन्होंने जानकारी प्रदान की’: प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु, 4 नवंबर (आईएएनएस)। गृह, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग 'अच्छे' हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन ने अब कर्नाटक भर में अपने मार्चों के लिए आवश्यक जानकारी प्रस्तुत कर दी है और अनुमति भी मांग ली है।
 

बेंगलुरु, 4 नवंबर (आईएएनएस)। गृह, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग 'अच्छे' हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन ने अब कर्नाटक भर में अपने मार्चों के लिए आवश्यक जानकारी प्रस्तुत कर दी है और अनुमति भी मांग ली है।

बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि सरकार को पहले यह जानकारी नहीं थी कि 'मार्च' कौन आयोजित कर रहा है, लेकिन आरएसएस ने अब अपनी शाखाओं में शामिल लोगों के नामों सहित सभी आवश्यक जानकारी प्रदान कर दी है।

उन्होंने कहा कि आप (मीडिया) ने हमें यह कहकर डरा दिया था कि वे अनुमति नहीं मांगेंगे या जानकारी नहीं देंगे। आरएसएस के लोग बहुत अच्छे हैं। जहां भी उन्होंने मार्च निकाले हैं, उन्होंने जानकारी दी है और अनुमति भी मांगी है। कुछ जगहों पर अनुमति नहीं मिली, लेकिन उन्होंने सहयोग किया।

मीडिया पर निशाना साधते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि संगठन द्वारा सभी आवश्यकताओं का पालन करने के बावजूद, मीडिया आरएसएस के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आरएसएस द्वारा दी गई जानकारी से सरकार को यह जानने में मदद मिली है कि उसकी प्रत्येक शाखा से कौन-कौन जुड़ा हुआ है।

उन्होंने टिप्पणी की कि कल वे अपना पंजीकरण भी करा सकते हैं और अपने फंड का विवरण भी सार्वजनिक कर सकते हैं, जिसमें यह भी शामिल होगा कि पैसा देश के भीतर से आ रहा है या विदेश से। सब कुछ पारदर्शी हो जाएगा।

खड़गे ने आगे कहा कि आरएसएस ने पूरे कर्नाटक में अनुमति मांगी थी और अपने आवेदनों को पुलिस विभाग को मात्र सूचना देने के रूप में नहीं बताया था।

खड़गे ने कहा कि उन्होंने इसे सही तरीके से किया है। उनके आवेदनों में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि वे केवल पुलिस विभाग को सूचना दे रहे हैं। उन्होंने पूरे कर्नाटक में अनुमति मांगी है। वे बदल गए हैं। वे सौ वर्षों से इसी तरह काम करते आ रहे हैं, और उन्हें भी कुछ समय चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विजयदशमी मार्ग मार्च (पथ संचालन) से जुड़ा विवाद मुख्य रूप से कानूनी अनुमतियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिरोध पर केंद्रित है।

यह मुद्दा तब और बढ़ गया जब कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि आरएसएस को अपने मार्ग मानचित्रों के बारे में अधिकारियों को केवल “सूचित” करने के बजाय औपचारिक पुलिस अनुमति प्राप्त करनी होगी।

खड़गे ने आंतरिक पत्र साझा किए जिनमें आरएसएस ने स्थानीय पुलिस को रसद समन्वय के लिए “सूचित” किया था।

गृह विभाग ने तर्क दिया कि चूंकि इन जुलूसों में सैकड़ों मार्गों पर दो लाख से अधिक प्रतिभागी शामिल होते हैं, इसलिए यातायात, सुरक्षा और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के सुचारू प्रबंधन के लिए पुलिस को पूर्व औपचारिक आवेदन की आवश्यकता होती है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक सभाओं को नियंत्रित करने वाले कानून आरएसएस पर भी समान रूप से लागू होते हैं।

--आईएएनएस

एमएस/