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मैसूरु दशहरा का उद्घाटन करेंगे अभिनव गविसिद्धेश्वर महास्वामीजी, सीएम शिवकुमार की सांस्कृतिक भव्यता देखने की अपील

बेंगलुरु, 28 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने सोमवार को अभिनव गविसिद्धेश्वर महास्वामीजी को ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा उत्सव का उद्घाटन करने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया।
 

बेंगलुरु, 28 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने सोमवार को अभिनव गविसिद्धेश्वर महास्वामीजी को ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा उत्सव का उद्घाटन करने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया।

यह निमंत्रण कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज तंगदागी ने आधिकारिक तौर पर स्वामीजी को दिया।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने लोगों से दशहरा समारोह का हिस्सा बनने और उत्सव की सांस्कृतिक भव्यता को देखने की अपील की है।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कन्नड़ लोगों के लिए यह गर्व की बात है कि संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रतीक ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा का उद्घाटन अभिनव गविसिद्धेश्वर महास्वामीजी की दिव्य उपस्थिति में होगा।

सीएम शिवकुमार ने पोस्ट में कहा, "संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रतीक सम्मानित स्वामीजी की दिव्य उपस्थिति में ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा का उद्घाटन होना सभी कन्नड़ लोगों के लिए गर्व की बात है।"

औपचारिक निमंत्रण देते समय कोप्पल के सांसद राजशेखर हितनाल, विधायक राघवेंद्र हितनाल, कोप्पल जिला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन नागप्पा, विधान परिषद सदस्य बसनागौड़ा बदारली और डिप्टी कमिश्नर सुरेश इतनाल मौजूद थे।

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने लोगों को ऐतिहासिक दशहरा समारोह में शामिल होने और त्योहार की सांस्कृतिक भव्यता देखने के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा, "सभी को ऐतिहासिक दशहरा त्योहार में जरूर आना चाहिए और इसकी सांस्कृतिक भव्यता देखनी चाहिए।"

दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घोषणा की थी कि 2026 का मैसूरु दशहरा त्योहार 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक 11 दिनों तक भव्य रूप से मनाया जाएगा। उन्होंने सूखे के हालात के बावजूद समारोह को छोटा करने की बात को खारिज कर दिया और पर्यटन तथा स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर जोर दिया।

यह त्योहार 11 अक्टूबर को शुरू होगा और इसका उद्घाटन गावी मठ के संत अभिनव गविसिद्धेश्वर महास्वामीजी करेंगे। भव्य जुलूस का समापन 21 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन होगा, जिसमें शाम 4:10 बजे से 4:35 बजे के बीच पारंपरिक रूप से फूल अर्पित किए जाएंगे।

राज्य सरकार क्षेत्रीय सांस्कृतिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए सभी दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करने की योजना बना रही है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम