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कर्नाटक : मंत्री सतीश जारकीहोली के ठिकानों पर 9 घंटे तक ईडी की छापेमारी, समर्थकों ने किया विरोध प्रदर्शन

बेंगलुरु, 9 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली के सरकारी आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी बुधवार को लगातार नौ घंटे तक जारी रही। यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी निवेश से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई है।
 

बेंगलुरु, 9 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली के सरकारी आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी बुधवार को लगातार नौ घंटे तक जारी रही। यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी निवेश से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई है।

छापेमारी के दौरान जारकीहोली के समर्थक उनके बेंगलुरु स्थित सरकारी आवास के बाहर एकत्र हुए और ईडी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

समर्थकों के हाथों में पोस्टर भी थे, जिन पर 'केंद्र सरकार के हाथों की कठपुतली ईडी', 'नफरत की राजनीति बंद हो, लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाया जाए' और 'ईडी के दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेंगे' जैसे संदेश लिखे थे।

ईडी की कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और कई घंटों तक जारी रही। सूत्रों के अनुसार, इस अभियान के तहत कुल 18 स्थानों पर छापेमारी की जा रही थी। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात रही, जबकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान सतीश जारकीहोली से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। बेंगलुरु के डॉलर कॉलोनी स्थित उनके आवास की तलाशी पूरी होने के बाद अधिकारी कुछ दस्तावेज और अन्य सामग्री अपने साथ ले गए।

जांच के दौरान अधिकारियों ने मंत्री के परिसर में खड़ी गाड़ियों की भी गहन जांच की। बताया गया कि ईडी ने तलाशी के दौरान एक बढ़ई को भी बुलाया, जो एक घंटे से अधिक समय तक घर में रहा।

छापेमारी लंबी चलने के कारण ईडी टीम ने बाहर से खाना भी मंगाया। अधिकारियों ने मंत्री के करीबी लोगों से उनके वित्तीय लेन-देन और कथित विदेशी निवेश के बारे में जानकारी भी जुटाई। प्रिंटर, दस्तावेज और अन्य सामग्री की जांच कर उन्हें जब्त किए जाने की भी जानकारी है।

ईडी ने जारकीहोली के परिवार से जुड़े परिसरों पर भी कार्रवाई जारी रखी। इनमें उनकी बेटी और कांग्रेस सांसद प्रियंका जारकीहोली तथा बेटे राहुल जारकीहोली से जुड़े स्थान भी शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान प्रियंका जारकीहोली बेलगावी स्थित अपने आवास पर मौजूद थीं।

जांच में विदेशी निवेश का पहलू भी चर्चा में है। सूत्रों ने बताया कि दो वर्ष पहले रवांडा के एक प्रतिनिधिमंडल ने बेलगावी में सतीश जारकीहोली की संपत्तियों का दौरा किया था।

9 सितंबर 2024 को रवांडा की उच्चायुक्त जैकलिन मुकंगिरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल बेलगावी पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने कथित तौर पर जारकीहोली की दो चीनी मिलों, एक निजी होटल और अन्य संपत्तियों का दौरा किया था। इसके बाद उन्होंने सुवर्ण विधान सौधा का भी भ्रमण किया था।

बताया जाता है कि रवांडा की उच्चायुक्त ने जारकीहोली को वहां निवेश की संभावनाएं तलाशने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद जारकीहोली दो-तीन बार रवांडा गए और वहां निवेश के अवसरों को लेकर सार्वजनिक रूप से भी चर्चा की।

हालांकि, ईडी की वर्तमान कार्रवाई और रवांडा प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।

इस बीच कांग्रेस नेताओं ने ईडी की कार्रवाई की आलोचना की है और इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य होने का आरोप लगाया है।

केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अनुसूचित जनजाति और आदिवासी समुदायों से आने वाले नेताओं को निशाना बना रही है। अगर ऐसा है तो हम पीछे नहीं हटेंगे।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि उन्हें छापेमारी के सटीक कारणों की जानकारी नहीं है, लेकिन बार-बार कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाया।

अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रघु मूर्ति ने भी जारकीहोली का बचाव करते हुए उन्हें उद्योगपति और समाजसेवी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमें राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, शहरी विकास मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र यतिंद्र सिद्धारमैया ने भी ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम