कर्नाटक: भाजपा युवा मोर्चा नेता की हत्या मामले में 6 लोगों को फांसी की सजा
कोप्पल, 1 मई (आईएएनएस)। उत्तर कर्नाटक के कोप्पल जिले के गंगावती शहर की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नेता वेंकटेश कुरुबारा (34) की हत्या के मामले में छह लोगों को मौत की सजा सुनाई है।
दोषियों की पहचान रवि, विजय, धनराज, भारत, सलीम मोहम्मद रफीक और गंगाधर गौली के रूप में की गई है।
अदालत ने इन सभी पर 3-3 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला न्यायाधीश सदानंद नागप्पा नाइक ने सुनाया।
वेंकटेश कुरुबारा की हत्या 7 अक्टूबर 2025 को गंगावती शहर में निजी रंजिश के चलते की गई थी। इस घटना से राजनीतिक हलकों में भारी हलचल मच गई थी।
आरोपियों ने कथित तौर पर साजिश रचकर बेहद क्रूर तरीके से इस हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में 927 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था।
इससे पहले अदालत ने कार्तिक, दादापीर, मोहम्मद अल्ताफ, मल्लिकार्जुन, अक्किरोटी शरण और चैत्रा को बरी कर दिया था।
फैसले से पहले गंगावती कोर्ट परिसर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सभी छह दोषियों को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच दो अलग-अलग वाहनों में अदालत लाया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 83 गवाहों के बयान दर्ज किए। सरकारी अभियोजक नागलक्ष्मी ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।
बता दें कि यह घटना उस समय हुई थी जब वेंकटेश एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद रात में करीब 2 बजे अपने दोस्तों के साथ डिनर के बाद लौट रहे थे।
लीलावती अस्पताल के पास कोप्पल रोड पर एक गिरोह ने उनकी बाइक को कार से टक्कर मारी और उन पर तलवारों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। उन्हें सड़क किनारे घसीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
वेंकटेश के दोस्त और चश्मदीद रमू ने बताया कि हमलावरों ने पहले उन्हें धमकाया और पीछा किया, फिर वेंकटेश पर हमला कर दिया।
बताया जाता है कि आरोपी बेंगलुरु भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन टायर फटने के कारण उन्हें कार छोड़नी पड़ी।
कोप्पल एसपी आर. एल. अरसिद्धि ने बताया था कि इस हत्या की जड़ 2003 के एक पुलिस केस से जुड़ी है, जिसमें वेंकटेश ने आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद की थी, जिसके चलते रवि उनसे रंजिश रखता था।
वेंकटेश के पिता हंपन्या जंटाकल ने बताया कि रवि ने 2024 में व्हाट्सएप पर भी उनके बेटे को धमकी दी थी।
इस मामले में गंगावती नगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था, लेकिन डर के कारण वेंकटेश अक्सर जगह बदलकर दोस्तों के साथ रहते थे।
--आईएएनएस
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