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कर्नाटक: एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास के लिए सीएम डीके शिवकुमार ने रक्षा मंत्रालय से मांगी मंजूरी

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु की कई बड़ी शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी मंजूरी में तेजी लाने और रक्षा भूमि से संबंधित मामलों को हल करने के लिए रक्षा मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की।
 

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु की कई बड़ी शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी मंजूरी में तेजी लाने और रक्षा भूमि से संबंधित मामलों को हल करने के लिए रक्षा मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की।

शिवकुमार ने कहा कि सिंगापुर, एम्स्टर्डम, डलास, लंदन और दुबई की तर्ज पर एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों को कई तरह के उपयोग के लिए विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने रक्षा भूमि से जुड़े मामलों में ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी, बेंगलुरु के पांच नगर निगमों और अन्य शहरी स्थानीय निकायों को रक्षा मंत्रालय से मिल रहे सहयोग की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री के सामने सात लंबित मुद्दे रखे और उनका जल्द समाधान करने की मांग की। इनमें एचएएल एयरपोर्ट और एयर फोर्स स्टेशन येलहंका के आसपास इमारतों की ऊंचाई पर पाबंदी, सार्वजनिक पार्क, झुग्गियों का पुनर्विकास, नई सड़कें, टनल परियोजनाएं और मेखरी सर्किल पर ट्रैफिक जाम कम करने से जुड़े मामले शामिल हैं।

शिवकुमार ने कहा कि दुनिया के कई शहरों में एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों को ऑफिस, मनोरंजन और आवासीय क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट अब सिर्फ परिवहन केंद्र नहीं हैं, बल्कि रोजगार और शहरी विकास के बड़े केंद्र बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इसके मुकाबले बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई जैसे भारतीय महानगरों में सख्त प्रावधान एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों के विकास को सीमित कर रहे हैं।

शिवकुमार ने कहा कि दुनिया में तेजी से बढ़ते टेक्नोलॉजी हब में शामिल बेंगलुरु को संतुलित विकास की जरूरत है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि एयरोड्रम रेफरेंस पॉइंट से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने की सीमा मौजूदा 20 किलोमीटर से घटाकर 15 किलोमीटर की जाए।

मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रस्तावों में इब्लूर फायरिंग रेंज के पास स्थित रक्षा मंत्रालय की 730 एकड़ जमीन को बेंगलुरु के लिए स्थायी सार्वजनिक पार्क और हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना भी शामिल है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि इस जमीन पर किसी तरह का व्यावसायिक विकास न किया जाए।

उन्होंने रक्षा मंत्रालय की 43.838 एकड़ जमीन पर स्थित 10 अधिसूचित झुग्गियों की समस्या का समाधान करने की भी मांग की। इसके बदले दूसरी जगह पर बराबर सरकारी जमीन देने का प्रस्ताव रखा गया है।

अन्य मांगों में लोअर अगरम रोड को सरजापुर रोड से जोड़ने के लिए 24 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए रक्षा भूमि उपलब्ध कराना शामिल है।

इसके अलावा बेंगलुरु अर्बन व्हीकुलर ट्विन टनल प्रोजेक्ट के तहत रैंप और सुरंगों के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित लाइसेंस फीस को 33 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का भी अनुरोध किया।

शिवकुमार ने एयरपोर्ट रोड को सरोवरा लेआउट से जोड़ने के लिए 18 मीटर चौड़ी लिंक रोड बनाने के वास्ते भी रक्षा भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।

सातवीं मांग बेल्लारी रोड स्थित मेखरी सर्किल पर सड़क को चौड़ा करने से संबंधित है। इस जंक्शन पर यातायात का दबाव कम करने के लिए डीजीक्यूए और पीआरटीसी से 0.775 एकड़ जमीन मांगी गई है।

मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्रालय से इन सभी सात प्रस्तावों पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने से बेंगलुरु के शहरी बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी