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कर्नाटक कैबिनेट ने शुभा हत्याकांड में दया याचिकाएं खारिज करने की सिफारिश की

बेंगलुरु, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को बताया कि कर्नाटक कैबिनेट ने राज्यपाल को शुभा शंकरनारायण और डी. अरुण वर्मा द्वारा दायर दया याचिकाओं को खारिज करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है। इन दोनों को बेंगलुरु के 2003 के सनसनीखेज रिंग रोड शुभा हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था।
 

बेंगलुरु, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को बताया कि कर्नाटक कैबिनेट ने राज्यपाल को शुभा शंकरनारायण और डी. अरुण वर्मा द्वारा दायर दया याचिकाओं को खारिज करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है। इन दोनों को बेंगलुरु के 2003 के सनसनीखेज रिंग रोड शुभा हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था।

यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट संख्या 314/2004 से संबंधित है, जिसकी सुनवाई बेंगलुरु की 17वीं फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई थी। गृह, सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी तथा ई-गवर्नेंस विभागों के प्रभारी खड़गे ने कहा कि कैबिनेट ने दया याचिकाओं को खारिज करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है।

ये याचिकाएं संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत प्रस्तुत की गई थीं, जो राज्यपाल को कुछ मामलों में क्षमादान, सजा में राहत, मोहलत या सजा में कमी देने, या सजा को निलंबित करने, माफ करने या कम करने का अधिकार देता है।

14 जुलाई, 2025 के एक आदेश में, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राज्यपाल के समक्ष दया याचिका दायर करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया था। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया था कि याचिकाओं पर विचार और निर्णय होने तक उन्हें गिरफ्तार न किया जाए और उनकी सजा निलंबित रखी जाए।

राज्यपाल कार्यालय ने बाद में याचिकाओं को राज्य सरकार को उसकी राय के लिए भेज दिया।

यह मामला 3 दिसंबर, 2003 का है, जब इंटेल में कार्यरत 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर बीवी गिरीश की शुभा से सगाई के महज चार दिन बाद हत्या कर दी गई थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, शुभा गिरीश को विमान उतरते देखने के बहाने आउटर रिंग रोड क्षेत्र में ले गई। आरोप है कि उसके साथियों ने उस पर धातु की छड़ से हमला किया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। बाद में अस्पताल में गिरीश की मृत्यु हो गई।

जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शुभा ने अरुण वर्मा (जिसके साथ वह कथित तौर पर रिश्ते में थी) और दो अन्य लोगों, वेंकटेश और दिनेश के साथ मिलकर गिरीश की हत्या की साजिश रची।

शुभा, अरुण वर्मा, वेंकटेश, और दिनेश को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी पाया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। कर्नाटक हाई कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा, जिसे बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने भी पुष्टि की।

आईएएनएस

एमएस/