कर्नाटक कैबिनेट में विभागों का बंटवारा जल्द तक तय होने की उम्मीद: सीएम शिवकुमार
बेंगलुरु, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि नई कैबिनेट में शामिल मंत्रियों को विभाग सौंपने का काम जल्द तय हो जाने की उम्मीद है। इसके लिए नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ बातचीत की गई है।
कोलार जिले के मालूर में पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पिछले शनिवार शाम दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कैबिनेट विभागों के बंटवारे पर चर्चा की थी और संकेत दिया कि यह मामला सोमवार देर रात तक सुलझ सकता है।
शिवकुमार ने कहा कि मैंने शनिवार शाम दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विभागों के बंटवारे पर चर्चा की थी। शायद, आज तक यह मामला सुलझ जाएगा।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में कैबिनेट के विस्तार के बाद अहम विभागों के बंटवारे को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस में काफी दिलचस्पी देखी जा रही है। कई नए मंत्रियों को विभागों के बंटवारे का इंतजार है।
इस बीच, शिवकुमार ने प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ भाजपा-जेडीएस की पदयात्रा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि यह विरोध प्रदर्शन किसानों का कोई असली आंदोलन नहीं था, बल्कि जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी का राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने की एक कोशिश थी।
शिवकुमार ने कहा कि बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ हो रही भाजपा-जेडीएस की पदयात्रा में कोई किसान शामिल नहीं है। यह विरोध प्रदर्शन उनके परिवार के लड़के (निखिल कुमारस्वामी) के राजनीतिक भविष्य के लिए किया जा रहा है। निखिल कुमारस्वामी पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विपक्ष के विरोध करने के अधिकार पर सवाल नहीं उठाएंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पदयात्रा में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों से बुलाया गया था।
उन्होंने कहा कि वे दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों से पार्टी कार्यकर्ताओं को लाए हैं और पदयात्रा कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। मैं उस अधिकार पर सवाल नहीं उठाऊंगा।
शिवकुमार ने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के सरकार के फैसले का भी बचाव किया और तर्क दिया कि यह पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई योजना पर आधारित था।
उन्होंने कहा कि हम उस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे हैं जिसे उन्होंने शुरू किया था। उन्होंने कहा था कि वे मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपए देंगे। हम 2.5 करोड़ रुपए से लेकर 3 करोड़ रुपए तक का मुआवजा दे रहे हैं।
--आईएएनएस
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