कर्नाटक कैबिनेट ने उद्योग निधि योजना को मंजूरी दी, 11 पिछड़े जिलों में 1 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य: प्रियांक खड़गे
बेंगलुरु, 11 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि कर्नाटक कैबिनेट ने राज्य के पिछड़े जिलों में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए महत्वाकांक्षी 'उद्योग निधि' योजना को मंजूरी दे दी है।
एक बयान में खड़गे ने कहा कि इस स्कीम का मकसद राज्य के 11 पिछड़े जिलों में एक लाख नई नौकरियां पैदा करना और क्षेत्रीय असमानता को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत, योग्य सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और औद्योगिक इकाइयां जो अतिरिक्त रोजगार पैदा करेंगी, उन्हें अधिक से अधिक 24 महीनों के लिए हर अतिरिक्त कर्मचारी पर हर महीने 2,500 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा, "सरकार इस स्कीम के लिए 305 करोड़ रुपये का सालाना अनुदान देगी। इंसेंटिव तभी जारी किया जाएगा, जब नई भर्ती और कर्मचारियों को सैलरी के भुगतान की पुष्टि हो जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मदद सिर्फ उन्हीं उद्योगों तक पहुंचे जो असल में नई नौकरियां पैदा करते हैं और उन्हें बनाए रखते हैं, जिससे इसे लागू करने में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।"
उन्होंने कहा कि यह योजना कलबुर्गी, बीदर, रायचूर, यादगीर और बागलकोट समेत 11 पिछड़े जिलों में नए उद्योगों को लगाने और मौजूदा उद्योगों के विस्तार को बढ़ावा देगी।
मंत्री ने कहा कि इसका मकसद उद्योगों और नौकरियों को सिर्फ बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक सीमित न रखकर, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में निवेश पहुंचाना है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के ज्यादा मौके मिलने से युवाओं को नौकरी की तलाश में दूर के शहरों में जाने की जरूरत भी कम होगी।
उन्होंने कहा कि 'उद्योग निधि' को राज्य सरकार की 'युवा निधि' योजना के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। जहां 'युवा निधि' युवाओं को नौकरी पाने के लिए मदद और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देती है, वहीं 'उद्योग निधि' उन उद्योगों को सीधे प्रोत्साहन देगी जो नौकरियां पैदा करते हैं। विकास सिर्फ बेंगलुरु या कुछ शहरों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। निवेश और रोजगार के मौके राज्य के हर हिस्से तक पहुँचने चाहिए।
प्रियंक खड़गे ने कहा, "हमारे युवाओं को नौकरी के लिए अपने गृहनगर और जिले छोड़ने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। हमारी सरकार का लक्ष्य उनके अपने इलाकों में नौकरी के अच्छे अवसर पैदा करना और उन्हें वहीं अपना भविष्य बनाने में सक्षम बनाना है।"
उन्होंने आगे कहा, "उद्योग निधि सिर्फ एक औद्योगिक प्रोत्साहन योजना नहीं है, बल्कि नतीजों पर आधारित रोजगार सृजन कार्यक्रम है। सरकार उन उद्योगों का समर्थन करेगी जो नौकरियां पैदा करते हैं और यह भी सुनिश्चित करेगी कि वे नौकरियां वास्तव में पैदा हों और वेतन का भुगतान किया जाए।"
मंत्री ने कहा कि उद्योग निधि राज्य के पिछड़े इलाकों में निवेश, उद्योग और रोजगार पहुंचाकर एक संतुलित और समावेशी कर्नाटक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
--आईएएनएस
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