कर्नाटक : स्कूल के टॉयलेट में 50 हजार आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां मिलीं, भाजपा ने एफआईआर की मांग की
बेंगलुरु, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष आर. अशोक ने बुधवार को कर्नाटक सरकार पर तीखा हमला किया। यह हमला रायचूर जिले के एक सरकारी स्कूल के टॉयलेट में स्कूली बच्चों के लिए बनीं 50,000 से अधिक आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां मिलने की कथित घटना के बाद किया गया।
एक बयान में अशोक ने इस घटना को "प्रशासनिक विफलता का चौंकाने वाला उदाहरण" बताया और सरकार पर गरीब बच्चों की जान और सेहत को खतरे में डालने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "यह एक बेरहम सरकार है जो बच्चों के पेट पर लात मार रही है और उनकी जान से खिलवाड़ कर रही है। अभी कुछ दिन पहले ही मवेशियों के बाड़े में पौष्टिक मिल्क पाउडर मिला था और आज स्कूल के टॉयलेट में बच्चों की दवाइयां मिली हैं। क्या राज्य सरकार ने इसी जन-केंद्रित शासन का वादा किया था?"
रायचूर जिले के लिंगसुगुर तालुक के गुरुगुंटा सरकारी स्कूल की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के लिए बनी 50,000 से अधिक आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां टॉयलेट में फेंक दी गईं और खराब हो गईं।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ़ लापरवाही नहीं है बल्कि यह गरीब बच्चों की सेहत, भविष्य और जान के साथ अक्षम्य धोखा और एक घिनौना अपराध है। दिहाड़ी मजदूरों के बच्चों में कुपोषण से लड़ने के लिए बनी दवाइयां सरकार के भ्रष्ट और गैर-ज़िम्मेदार प्रशासन की वजह से टॉयलेट में सड़ रही हैं।"
अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर भी निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि क्या स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग सो रहे हैं या भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए अशोक ने पूछा, "क्या आपकी सरकार के कथित कमीशन और लूट के जुनून के कारण गरीब बच्चों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ना चाहिए? क्या आपके स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग सो रहे हैं या वे इस भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए पहरा दे रहे हैं?"
विपक्ष के नेता ने इस घटना पर कई सवाल उठाए, जिनमें यह भी शामिल था कि गोलियों को ठिकाने लगाने के लिए कौन जिम्मेदार था, बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने वाली दवाएं फेंके जाने के बावजूद अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की और अधिकारी केवल नोटिस जारी करके दोषियों को कथित तौर पर क्यों बचा रहे हैं।
कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए अशोक ने कहा कि भाजपा चाहती है कि सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। विभागीय जांच के नाटक के बजाय दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।"
आर. अशोक ने कर्नाटक सरकार पर बच्चों की भलाई को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को अंडे और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट देने के लिए फंड जारी करने में देरी हो रही है और सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए मिड-डे मील स्कीम में रुकावटें पैदा की जा रही हैं।
अशोक ने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर लागू किए बिना ही घोषणाएं कर रही है। हाजिरी दर्ज करने के लिए "निरंतर" ऐप का अनिवार्य इस्तेमाल मिड-डे मील के वितरण पर असर डाल रहा है, खासकर कारवार के जंगल और मलनाड इलाकों में, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी खराब रहती है।
उन्होंने दावा किया कि अगर तकनीकी खराबी के कारण केवल कुछ छात्रों की ही हाजिरी लग पाती है, तो कई बच्चे खाने से वंचित रह सकते हैं।
अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से आग्रह किया कि जब तक नेटवर्क की समस्या हल नहीं हो जाती, तब तक खाने के फंड जारी करने के लिए फिजिकल हाजिरी रजिस्टर को आधार माना जाए और बच्चों के न्यूट्रिशन प्रोग्राम के तहत सप्लाई किए गए अंडों और दूध के लिए बकाया पेमेंट तुरंत जारी किया जाए।
--आईएएनएस
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