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कर्नाटक भाजपा ने 225 करोड़ के 'गृह लक्ष्मी' घोटाले का मुद्दा उठाया

बेंगलुरु, 25 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य की 'गृह लक्ष्मी योजना' के तहत 225 करोड़ रुपए का बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने इसे "राज्य-प्रायोजित साइबर अपराध" का मामला बताते हुए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) और केंद्रीय साइबर अपराध एजेंसियों से इसकी जांच की मांग की।
 

बेंगलुरु, 25 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य की 'गृह लक्ष्मी योजना' के तहत 225 करोड़ रुपए का बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने इसे "राज्य-प्रायोजित साइबर अपराध" का मामला बताते हुए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) और केंद्रीय साइबर अपराध एजेंसियों से इसकी जांच की मांग की।

अशोक ने दावा किया कि कथित घोटाले से सामने आ रही जानकारी से पता चलता है कि लाभार्थियों के डेटा और वित्तीय लेनदेन में व्यवस्थित रूप से हेरफेर किया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखने के लिए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की आलोचना की और आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी को सरकारी अधिकारियों की महज तकनीकी चूक कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।

अशोक के अनुसार, कथित गड़बड़ियों का पता रेगुलर ऑडिट के बजाय डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड के "डेटा डंप" एनालिसिस से चला। उन्होंने दावा किया कि सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम में हेरफेर करके मृत लाभार्थियों के अकाउंट में और कुछ मामलों में एक ही बैंक अकाउंट में बार-बार फंड ट्रांसफर किए गए।

भाजपा नेता ने आगे आरोप लगाया कि दो साल के दौरान कुछ लाभार्थियों के खातों में बार-बार बदलाव किए गए। कुछ खातों को कई महीनों बाद फिर से चालू किया गया, जबकि कुछ खातों में बीच-बीच में पेमेंट किए गए। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के पैटर्न से पता चलता है कि इसमें डिजिटल हेरफेर और संभवतः मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा कोई सुनियोजित काम शामिल था।

अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि 2.11 लाख मृत लाभार्थियों से जुड़े रिकॉर्ड की पहचान तो कर ली गई थी। लेकिन, विभाग ने 77,376 अन्य मृत लाभार्थियों का डिजिटल डेटा उपलब्ध नहीं कराया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन खातों से जुड़े साइबर लॉग में बदलाव करने या उन्हें हटाने की कोशिश की जा रही है और सरकार से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा।

इस कथित धोखाधड़ी में सीनियर अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अशोक ने कहा कि यह मामला गंभीर साइबर अपराध से जुड़ा है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने उन आईपी एड्रेस का पता लगाने के लिए जांच की मांग की, जिनसे कथित तौर पर डेटा में हेरफेर किया गया था और उस नेटवर्क की पहचान करने को कहा जिसके जरिए कथित तौर पर फंड को दूसरी जगह भेजा गया था।

केंद्रीय जांच एजेंसियों से तुरंत दखल की मांग करते हुए विधानसभा में नेता विपक्ष अशोक ने कहा कि कथित 'गृह लक्ष्मी' घोटाले की पूरी जांच के लिए इसे सीबीआई और साइबर अपराध से निपटने वाली विशेष एजेंसियों को सौंप दिया जाना चाहिए।

कर्नाटक सरकार ने अभी तक ताजा आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसके अलावा, आर. अशोक ने पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए चलाए जा रहे हॉस्टलों की हालत को लेकर कर्नाटक सरकार की आलोचना की है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि जहां बेंगलुरु में कुमारकृपा गेस्ट हाउस के नवीनीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। वहीं सरकारी हॉस्टलों में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवकुमार 160 साल पुराने कुमार कृपा गेस्ट हाउस का नवीनीकरण करवा रहे हैं, ताकि इसे अपने आधिकारिक आवास-सह-कार्यालय में बदला जा सके।

अशोक ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या कुमारा कृपा गेस्ट हाउस में आलीशान नवीनीकरण और सुविधाओं के लिए तो पैसे हैं। लेकिन, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों वाले हॉस्टल के रखरखाव के लिए नहीं?

उन्होंने आरोप लगाया कि कई हॉस्टलों में छात्रों को ज़रूरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के बिना रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनके अनुसार, समाज कल्याण विभाग में पूर्णकालिक मंत्री न होने और जिले के प्रभारी मंत्रियों की ओर से ध्यान न दिए जाने के कारण स्थिति और खराब हो गई है।

अशोक ने मुख्यमंत्री शिवकुमार से राज्य भर के सरकारी हॉस्टलों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करने और उनकी स्थिति का जायजा लेने का आग्रह किया।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम