भाजपा का आरोप: कर्नाटक सरकार चोरी-छिपे तमिलनाडु को छोड़ रही कावेरी का पानी
बेंगलुरु, 15 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने शनिवार को राज्य की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह सार्वजनिक रूप से तमिलनाडु को एक बूंद भी कावेरी का पानी नहीं देने की बात कहने के बावजूद चोरी-छिपे पड़ोसी राज्य के लिए पानी छोड़ रही है।
अशोक ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं और लोग पेयजल के लिए भी परेशान हैं, वहीं सरकार रात के समय कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध के गेट खोलकर तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ रही है।
उन्होंने कहा, "एक तरफ सरकार कहती है कि वह तमिलनाडु को पानी नहीं छोड़ेगी, वहीं दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से केआरएस बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।"
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरायस्वामी पर निशाना साधते हुए अशोक ने सरकार पर कावेरी मुद्दे पर "दोहरा रवैया" अपनाने और कन्नड़ लोगों के हितों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मंड्या, मैसूरु और चामराजनगर के किसान परेशान हैं और उनकी फसलें सूख रही हैं। इसके बावजूद सरकार कथित तौर पर अपने राजनीतिक सहयोगियों को खुश करने के लिए तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ रही है।
अशोक ने सवाल किया, "जब केआरएस जलाशय में कन्नड़ लोगों के लिए पर्याप्त पानी नहीं है, तो सरकार तमिलनाडु को पानी छोड़ने की इतनी जल्दी में क्यों है?"
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर जनता से झूठे आश्वासन देने का आरोप लगाते हुए केआरएस से तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना तत्काल रोकने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पानी छोड़ना बंद नहीं किया तो बीजेपी पूरे कर्नाटक में अपना आंदोलन तेज करेगी।
अशोक ने कहा, "कन्नड़ लोगों के धैर्य की परीक्षा न लें। बीजेपी किसानों और जनता के हितों की कीमत पर की जा रही इस कर्नाटक विरोधी राजनीति की कड़ी निंदा करती है। अगर पानी छोड़ना तत्काल बंद नहीं किया गया तो हम पूरे राज्य में सड़कों पर उतरेंगे।"
अशोक ने कांग्रेस सरकार पर राजस्व बढ़ाने के लिए लोगों को शराब की लत की ओर धकेलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुफ्त गारंटी योजनाओं के नाम पर राज्य की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली सरकार अब आबकारी अधिकारियों और शराब दुकानदारों पर 45,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य हासिल करने का दबाव बना रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और आबकारी मंत्री शिवलिंगे गौड़ा से सवाल किया कि क्या अधिकारियों को शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए लक्ष्य दिए जा रहे हैं।
अशोक ने दावा किया कि अधिकारियों को हर महीने औसतन 3,800 करोड़ रुपये की शराब बिक्री का लक्ष्य दिया गया है और लक्ष्य से कम बिक्री होने पर उन्हें परेशान करने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया, "क्या यह ऐसा प्रशासन है, जहां अधिकारियों पर शराब की खपत बढ़ाने का दबाव डाला जाता है?"
अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार ग्रामीण और शहरी इलाकों में शराब की दुकानों का विस्तार कर रही है और राज्य में 12,003 से अधिक शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं।
उन्होंने कहा, "क्या आप परिवारों को शराब की लत में धकेलकर और माताओं के आंसुओं के लिए जिम्मेदार बनकर सरकारी खजाना भर रहे हैं?"
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या परिवहन निगमों, बिजली कंपनियों और आबकारी विभाग पर राजस्व जुटाने के लिए निर्भर रहना ही सरकार का शासन मॉडल है।
अशोक ने मुख्यमंत्री शिवकुमार से राजस्व बढ़ाने के लिए कन्नड़ लोगों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ "खिलवाड़" नहीं करने की अपील की।
उन्होंने कहा, "गरीब परिवारों को शराब की लत की ओर न धकेलें और महिलाओं का श्राप न लें। राजनीतिक लाभ के लिए राज्य के युवाओं और गरीब परिवारों को शराब का आदी बनाने की यह शर्मनाक नीति तत्काल बंद की जानी चाहिए।"
--आईएएनएस
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