कर्नाटक विधानसभा सत्र सूखे पर चर्चा के लिए बढ़ाया गया
बेंगलुरु, 23 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य में बिगड़ती सूखे की स्थिति पर विस्तृत चर्चा के लिए विधानसभा सत्र एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है।
विधान सौधा में मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि 200 से अधिक तालुकों में भीषण सूखे की स्थिति है और हालात गंभीर हो गए हैं।
शिवकुमार ने कहा कि राज्य में सूखे की तीव्रता बढ़ गई है। 200 से अधिक तालुक भीषण सूखे से प्रभावित हैं और स्थिति गंभीर है। इसलिए, सूखे पर चर्चा के लिए विधानसभा सत्र एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि विधायक और जन प्रतिनिधि सूखे की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री और उपमुख्यमंत्री कार्यवाही के दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए प्रश्नों और सुझावों का आधिकारिक रूप से जवाब देंगे।
दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने के प्रस्ताव पर शिवकुमार ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस कदम पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि सूखे से राहत और केंद्र से सहायता पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली भेजने का निर्णय लिया गया है। सभी दलों के नेताओं ने इस पर सहमति जताई है।
इस बीच, शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनावों में सभी चार सीटों पर जीत हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा चुनावों में सभी चार सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है। हमने एक साल पहले ही अच्छे उम्मीदवारों का चयन कर लिया था। पार्टी और सरकार मिलकर काम करेंगे।
चुनावों को लेकर मंत्रियों और पार्टी विधायकों के साथ बैठक के बाद शिवकुमार ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) कार्यालय के पास मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि विधानसभा की चार सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हो चुकी है और विधानसभा सत्र जारी होने के कारण उन्होंने बुधवार को विधायकों से मुलाकात कर चुनावों पर चर्चा की और मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि सभी मंत्री और विधायक जिम्मेदारी लेंगे और चुनावों के लिए काम करेंगे।
दिल्ली की अपनी प्रस्तावित यात्रा के बारे में शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बैठक के लिए समय मांगा है। समय मिलते ही सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली ले जाया जाएगा।
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