जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने मकोका मामले में नरेश बालियान की जमानत याचिका से खुद को अलग किया
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली हाई कोर्ट के एक जज ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने 'महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम' (मकोका) के तहत दर्ज एक मामले में जमानत मांगी थी।
दिल्ली की एक अदालत द्वारा उनकी जमानत अर्जी खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली बालियान की याचिका जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी, जिन्होंने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। अब यह मामला 23 अप्रैल को किसी दूसरी बेंच के सामने रखा जाएगा।
उत्तम नगर के पूर्व विधायक को दिसंबर 2024 में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मकोका के तहत फिर से गिरफ्तार कर लिया था। यह गिरफ्तारी उन्हें एक रंगदारी मामले में राहत मिलने के कुछ ही मिनट बाद हुई।
राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा रंगदारी मामले में जमानत दिए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट परिसर के भीतर से ही गिरफ्तार कर लिया था और संगठित अपराध से जुड़े एक मामले में अपनी हिरासत में ले लिया।
बाल्यान को शुरू में 30 नवंबर 2024 को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब कुछ ऑडियो क्लिप सामने आए थे जिनमें कथित तौर पर उन्हें गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के साथ बातचीत करते हुए सुना जा सकता था। इन क्लिप्स से कथित तौर पर यह संकेत मिल रहा था कि दिल्ली में बिल्डरों और अन्य लोगों को धमकाकर उनसे पैसे ऐंठने की योजना बनाई जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, बाल्यान दिल्ली और आसपास के इलाकों में सक्रिय एक बड़े आपराधिक गिरोह का हिस्सा है, जो कथित तौर पर रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे संगठित अपराधों में शामिल है।
चार्जशीट में इस नेटवर्क को एक संगठित और सुनियोजित समूह बताया गया है, जो आर्थिक लाभ के लिए अवैध गतिविधियों में लिप्त है। पुलिस द्वारा दायर एक पूरक चार्जशीट में चार आरोपियों, विजय उर्फ कालू, साहिल उर्फ पोली, बालियान और ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा, के नाम शामिल किए गए हैं।
इससे पहले, उनकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया था कि जांच एक अहम मोड़ पर है और उनकी रिहाई से जांच में बाधा आ सकती है। हालांकि, बाल्यान और उनके समर्थकों ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया है कि ये आरोप एक बड़ी साजिश के तहत मनगढ़ंत तरीके से लगाए गए हैं।
इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा ने बाल्यान पर 'वसूली करने वाला' होने का आरोप लगाते हुए आप नेताओं और आपराधिक तत्वों के बीच संबंधों का दावा किया है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि बाल्यान की गतिविधियां पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की जानकारी में ही चल रही थीं, एक ऐसा दावा जिसे आप ने सिरे से खारिज कर दिया है।
--आईएएनएस
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