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जम्मू-कश्मीर एसोसिएशन ने कश्मीरी छात्रों की मदद के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की तारीफ की

श्रीनगर, 21 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की है। यह कार्रवाई तब की गई जब भोपाल में दो कश्मीरी छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें परेशान किया जा रहा है, डराया-धमकाया जा रहा है और किराए के घर से निकालने की कोशिश की जा रही है।
 

श्रीनगर, 21 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की है। यह कार्रवाई तब की गई जब भोपाल में दो कश्मीरी छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें परेशान किया जा रहा है, डराया-धमकाया जा रहा है और किराए के घर से निकालने की कोशिश की जा रही है।

जेकेएसए ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री की स्पेशल स्कॉलरशिप स्कीम के तहत फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे दो छात्र एसोसिएशन के पास तब पहुंचे जब उन्हें अपने इलाके के कुछ लोगों से धमकियां और दबाव का सामना करना पड़ा।

छात्रों ने आरोप लगाया कि इलाके में उनके रहने पर इसलिए आपत्ति जताई गई क्योंकि वे जम्मू-कश्मीर से थे और मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते थे।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके मकान मालिक पर उन्हें घर से निकालने के लिए दबाव डाला गया और धमकी दी गई कि अगर वे घर नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें जबरदस्ती निकाल दिया जाएगा।

जेकेएसए के नेशनल कन्वीनर नासिर खुएहामी ने यह मामला मध्य प्रदेश के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) कैलाश मकवाना के सामने उठाया। खुएहामी के मुताबिक, डीजीपी ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

एसोसिएशन ने बताया कि पुलिस की एक टीम, जिसमें निशातपुरा पुलिस स्टेशन के हाउस ऑफ‍िसर मनोज पटवा भी शामिल थे, छात्रों के घर गई और उनकी परेशानियां सुनीं।

पुलिस ने उन लोगों से भी पूछताछ की जिन पर छात्रों को धमकाने या उन पर दबाव डालने का आरोप था और आगे की जांच के लिए उन्हें पुलिस स्टेशन बुलाया।

जेकेएसए ने कहा कि सोसाइटी के निवासियों को ऐसी किसी भी हरकत से बचने की चेतावनी दी गई, जिससे छात्रों में डर या असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।

खुएहामी ने कहा, "उनकी तुरंत कार्रवाई से छात्रों का भरोसा बहाल करने में मदद मिली है और यह साबित हुआ है कि धमकी, भेदभाव और निजी लोगों द्वारा कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिशों के मुकाबले कानून का राज ही चलेगा।"

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के छात्र बिना किसी डर या धमकी के देश में कहीं भी अपनी पढ़ाई और करियर को आगे बढ़ाने में सक्षम होने चाहिए।

जेकेएसए जम्मू-कश्मीर के बाहर परेशान किए जा रहे स्थानीय छात्रों के मामलों को सक्रिय रूप से उठाता रहा है, और एसोसिएशन विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के मुद्दों को भी उठाता है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम