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जम्मू-कश्मीर लोक भवन में बिहार दिवस का आयोजन

जम्मू, 22 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर लोक भवन ने रविवार को बिहार दिवस मनाकर बिहार के महान क्रांतिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
 
जम्मू-कश्मीर लोक भवन में बिहार दिवस का आयोजन

जम्मू, 22 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर लोक भवन ने रविवार को बिहार दिवस मनाकर बिहार के महान क्रांतिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जम्मू और कश्मीर लोक भवन में रविवार को जम्मू में बिहार दिवस का भव्य आयोजन किया गया।

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना का जश्न मनाते हुए इस सांस्कृतिक संध्या में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, छात्र और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में रहने वाले बिहार के लोग एक साथ आए।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस अवसर पर बिहार के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने बिहार के महान क्रांतिकारियों और विख्यात व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र के विकास और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके बहुमूल्य योगदान को याद किया।

उपराज्यपाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य काल से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक, बिहार राष्ट्र की ढाल और भारत की एकता तथा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक और आर्थिक जीवन का केंद्र रहा है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि मगध साम्राज्य की हृदयभूमि के रूप में बिहार ने एक विशिष्ट पहचान बनाई है। आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, राज्य अपनी प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त कर रहा है और एक बार फिर व्यापक विकास और नवाचार के प्रमुख चालक के रूप में उभर रहा है।

उपराज्यपाल ने भारत के औद्योगिक और शैक्षिक परिदृश्य में बिहार के अभूतपूर्व योगदान और वास्तुकला, संगीत, कला और साहित्यिक परंपराओं पर इसके गहन प्रभाव पर भी बात की।

मनोज सिन्हा ने कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहर, ज्ञान और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण यह पवित्र भूमि प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे।”

जम्मू और कश्मीर केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, पुडुचेरी, दिल्ली, लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।

उपराज्यपाल ने कहा है कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस का पालन करना हमारे महान राष्ट्र की विविधता में एकता का जश्न मनाने और लोगों के बीच पारंपरिक रूप से मौजूद भावनात्मक बंधनों को मजबूत करने का अवसर है।

--आईएएनएस

एमएस/