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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में जनता से समर्थन मांगा

श्रीनगर, 3 मई (आईएएनएस)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को लोगों से एकजुट होकर एक ऐसे जम्मू-कश्मीर का निर्माण करने का आह्वान किया, जहां कोई बच्चा मादक पदार्थों की वजह से न मरे, कोई परिवार नशे की लत से न टूटे और कोई समुदाय पीड़ित न हो।
 
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में जनता से समर्थन मांगा

श्रीनगर, 3 मई (आईएएनएस)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को लोगों से एकजुट होकर एक ऐसे जम्मू-कश्मीर का निर्माण करने का आह्वान किया, जहां कोई बच्चा मादक पदार्थों की वजह से न मरे, कोई परिवार नशे की लत से न टूटे और कोई समुदाय पीड़ित न हो।

श्रीनगर के टीआरसी फुटबॉल मैदान में मादक पदार्थों के दुरुपयोग और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए सिन्हा ने कहा कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में हर कदम मायने रखता है। हर प्रयास महत्वपूर्ण है। हर योगदान जीत को करीब लाता है।

उन्होंने कहा कि आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे जम्मू-कश्मीर की कल्पना करें जहां कोई बच्चा मादक पदार्थों की वजह से न मरे, कोई परिवार नशे की लत से न टूटे, कोई समुदाय तस्करों के चंगुल में न फंसे और हर नागरिक स्वस्थ और सशक्त रहे।

उपराज्यपाल ने दो किलोमीटर की पदयात्रा का नेतृत्व भी किया और समाज के सभी वर्गों के लोगों से मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह से समर्पित होने का आग्रह किया।

उपराज्यपाल ने कहा कि आज हम यह प्रतिज्ञा करते हैं कि जब तक जम्मू कश्मीर पूरी तरह से नशामुक्त नहीं हो जाता, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।

उन्होंने कहा कि जनता की सक्रिय भागीदारी ही वह अटूट शक्ति है जो मादक पदार्थों से होने वाले आतंकवाद के हमलों को विफल करने में सक्षम है।

उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के तस्करों और उनके नेटवर्क ने हमारे युवाओं को निशाना बनाया है। हमने शपथ ली है कि हम उन्हें कभी सफल नहीं होने देंगे।

सिन्हा ने कहा कि मैं अपने युवाओं से यह भी कहना चाहता हूं कि नशा ‘कूल’ नहीं है, बल्कि ये वो जंजीरें हैं जो आपकी आजादी छीन लेती हैं। आपकी ऊर्जा खेल के मैदानों, कौशल विकास केंद्रों और एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में लगनी चाहिए।

सरकार द्वारा मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के प्रयासों का विवरण देते हुए सिन्हा ने कहा कि नए मानक संचालन नीति (एसओपी) के तहत हम कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।

11 अप्रैल से 2 मई के बीच, जम्मू और कश्मीर डिवीजनों में मात्र 21 दिनों में 481 एफआईआर दर्ज की गईं। उन्होंने बताया कि इस दौरान 518 मादक पदार्थों के तस्करों और विक्रेताओं को जेल भेजा गया, जबकि अपराध की कमाई से बने 24 मकान ध्वस्त कर दिए गए और करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई।

इनमें से 26 कुर्कियां अकेले कश्मीर में हुईं। सिन्हा ने आगे बताया कि अधिकारियों ने 300 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है।

--आईएएनएस

एमएस/