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जम्मू-कश्मीर के शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान, कर्तव्य और वीरता को उपराज्यपाल ने किया नमन

श्रीनगर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि वह उन पुलिसकर्मियों के बलिदान, कर्तव्यनिष्ठा और वीरता को नमन करते हैं, जिन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
 

श्रीनगर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि वह उन पुलिसकर्मियों के बलिदान, कर्तव्यनिष्ठा और वीरता को नमन करते हैं, जिन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में उपराज्यपाल ने कहा, "पुलिस स्मृति दिवस पर मैं उन बहादुर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मैं उनके साहस, कर्तव्य और त्याग को नमन करता हूं तथा उनके परिवारों के प्रति अपना सम्मान और एकजुटता व्यक्त करता हूं।

उन्होंने कहा, "हमारे शहीदों की वीरता हमें शांति, एकता और सुरक्षा को और मजबूत करने की प्रेरणा देती है। आइए, हम सभी एक सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लेकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दें।"

उपराज्यपाल ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का सम्मान करने का सबसे अच्छा तरीका है कि हम सभी मिलकर सुरक्षित और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहें।

राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के उन 10 जवानों की याद में मनाया जाता है, जो वर्ष 1959 में आज ही के दिन लद्दाख में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हो गए थे।

मुख्य परेड श्रीनगर के जीवान स्थित सशस्त्र पुलिस मुख्यालय में आयोजित की गई, जहां पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया गया।

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने मुख्य समारोह की अध्यक्षता की और परेड की सलामी ली। वहीं जम्मू में मुख्य कार्यक्रम गांधी नगर स्थित गुलशन ग्राउंड में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने की।

21 अक्टूबर 1959 को भारतीय पुलिस की एक गश्ती टीम पर लद्दाख के अक्साई चिन क्षेत्र के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस असमान संघर्ष में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे जबकि कई अन्य घायल हुए या बंदी बना लिए गए थे।

जनवरी 1960 में पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में 21 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से पुलिस स्मृति दिवस (पुलिस शहीद दिवस) घोषित किया गया ताकि इन शहीद पुलिसकर्मियों और देश की सेवा में जान गंवाने वाले सभी पुलिसकर्मियों को याद किया जा सके।

नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थापित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में 30 फुट ऊंची ग्रेनाइट की केंद्रीय प्रतिमा और "वॉल ऑफ वेलर" बनाई गई है, जिस पर स्वतंत्रता के बाद से शहीद हुए हजारों पुलिसकर्मियों के नाम अंकित हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम